फरीदपुर (बरेली)। जनसुनवाई के लिए फरीदपुर पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने बुधवार को अव्यवस्थाओं को लेकर नाराज दिखीं। गोदभराई के लिए एक ही गर्भवती के आने के साथ ही सीएचसी में कम प्रसव होने को लेकर भी सवाल किए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ता गर्भवतियों को कमीशन के चक्कर में निजी अस्पताल ले जाती हैं।
गोद भराई के लिए मंच एक ही गर्भवती को देखकर उन्होंने पूछा कि तहसील क्षेत्र में सिर्फ एक ही गर्भवती महिला है या फिर महिला व बाल विकास विभाग की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं? कहा कि सरकार की योजनाओं को धरातल पर सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। यह गलत है।
सीडीपीओ से जवाब-तलब करते हुए संबंधित की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। इस तरह की स्थिति दोबारा बनने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। सीएचसी के निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड व प्रसव की संख्या कम मिलने पर नाराजगी जताते हुए इसे बढ़ाने के लिए कहा। संवाद
मां-बेटे ने पुलिस पर लगाए आरोप
फतेहगंज पूर्वी के राहुल ने जनसुनवाई के दौरान पुलिस पर आरोप लगाए। कहा कि उसके ऊपर धारदार हथियार से हमला किया। मेडिकल में चोट की पुष्टि होने के बाद भी हत्या की कोशिश की जगह गैरइरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। एससी-एसटी एक्ट भी नहीं लगाया। इस पर उन्होंने जांच के निर्देश दिए। वहीं, सीएचसी में ट्रेनिंग कर रहे एक छात्र पर इंजेक्शन लगाने के बदले 100 रुपये मांगने का मामला भी सामने आया।