बरेली केंद्रीय कारागार में बंद बदायूं निवासी कैदी की शुक्रवार को मौत हो गई। शनिवार को उसकी रिहाई होनी थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कैदी की मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के गांव वृंदावन निवासी कैदी महेंद्र (58) की बरेली केंद्रीय कारागार में मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम हाउस पर मिले भाई बेचेलाल व अन्य परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। एक दिन बाद ही महेंद्र की रिहाई होनी थी।
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बेचेलाल ने बताया कि तीन साल की बच्ची से छेड़खानी के मामले में भाई महेंद्र ढाई साल से बदायूं जेल में सजा काट रहा था। दो नवंबर को ही उसे सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। उसकी जमानत भी हो चुकी थी। एक दिन बाद ही रिहाई परवाना जारी होना था। इसी बीच शनिवार सुबह जेल प्रशासन से उसकी मौत की सूचना मिली। बेचेलाल के साथ बरेली आए परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
जेलर नीरज कुमार ने बताया कि महेंद्र को सांस की समस्या थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया था। हालांकि, इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने लापरवाही के आरोप से इन्कार किया।