बरेली। जिला जेल से 21 अक्तूबर को पेशी पर लाया गया सुभाषनगर निवासी बंदी सचिन सिंह ठाकुर न्यायालय परिसर से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग गया। कोर्ट में पेशी के बाद दोबारा हवालात में लाते वक्त वह वादकारियों की भीड़ में गुम हो गया। जिम्मेदार पुलिसकर्मी तीन दिनों से उसे खुद ही तलाश कर रहे थे। पता चलने पर एसएसपी ने आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। कोतवाली में इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। चार टीमें सचिन की तलाश में जुटी हैं।
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि सचिन को किला थाने से चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह बिथरी स्थित सेंट्रल जेल टू में बंद था। 21 अक्तूबर को उसे पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था। शाम के वक्त पांच अन्य बंदियों के साथ एडीजे कोर्ट में उसकी पेशी हुई। यहां से वापस कचहरी स्थित हवालात ले जाते वक्त वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग गया।
सचिन की सुरक्षा में कोर्ट हवालात पर तैनात पुलिस लाइन के दरोगा विजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, अभियोजन कार्यालय के हेड कांस्टेबल सुधीर कुमार, सोमदास, धर्मेंद्र, कांस्टेबल इंद्रजीत और आदेश को लापरवाही का दोषी माना गया है। इनको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन सभी पर बंदी के भागने की जानकारी अधिकारियों से छिपाने का भी आरोप है। कोतवाली में बंदी सचिन के साथ ही इन सभी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इस वर्ष बंदियों/कैदियों के भागने के ये मामले भी आए सामने
- 22 जून को कैदी दिनेश सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर इज्जतनगर सेंट्रल जेल से भाग गया था। मामले में नौ जेलकर्मियों को निलंबित किया गया था। 26 जून को पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
- दो सितंबर को महिला बंदी ममता जिला अस्पताल से सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भाग निकली थी। उसकी सुरक्षा में तैनात दो महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। बाद में 17 अक्तूबर को उसे गिरफ्तार किया गया।
वर्जन
मामले में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करके उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बंदी सचिन की तलाश के लिए चार संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। इनमें सर्विलांस, एसओजी, कोतवाली और सुभाषनगर के पुलिसकर्मी शामिल हैं। - अनुराग आर्य, एसएसपी