करीब चार माह पहले राशन के दाम बढ़ने के बाद एक बार फिर महंगाई का तड़का लगा है। इनमें सर्वाधिक असर अरहर की दाल, जीरे पर सबसे ज्यादा पड़ा है। इसके साथ ही उड़द, काबुली चना, जीरा, मिर्च साबुत की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।
बरेली के श्यामगंज स्थित राशन की दुकानों पर पांच किलो दाल का पर्चा लेकर पहुंचने वाले एक-दो किलो दाल लेकर लौट रहे हैं। वजह, 80 से सौ रुपये किलो में बिक रही अरहर दाल की कीमत अब 120-140 रुपये तक जा पहुंची है।
कारोबारियों के मुताबिक दाल की थोक कीमतें बढ़ने से रिटेल में भी महंगी बेचनी पड़ रही है। सफेद छोला जो 80 से 90 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब उसकी कीमत सौ से 110 रुपये तक जा पहुंची है। मसालों में मिर्च का तीखापन बढ़ा है। कीमत 280 से बढ़कर 330 रुपये तक पहुंच गई है।
जीरे की कीमतें जो गुणवत्ता के आधार पर 350 से चार सौ रुपये में बिक रही थी वह अब 440 से पांच 500 तक जा पहुंची है। मंसूरी, शरबती, बासमती चावल की कीमतों में भी प्रति किलो दस से 30 रुपये तक की बढ़त हुई है। मूंग, मसूर दाल, काला चना, सोयाबीन, काली मिर्च, बड़ी इलायची आदि के दाम में कोई बदलाव नहीं है।