गर्भनाल, खून की बूंदों के साथ ही शादी की वरमाला तक सहेज रहे लोग
बरेली। यादों को संजोने के लिए अब एल्बम या फोटो ही सहारा नहीं बचा। रेजिन आर्ट के माध्यम से भी लोग अपनी शादी की वरमाला के फूल, आशीर्वाद में मिले तोहफे, गर्भनाल व अपना खून तक फ्रीज करा रहे हैं।
राजेंद्र नगर की रहने वाली रेजिन आर्टिस्ट रितिका बताती हैं कि वह दो साल से यह काम कर रही हैं। उनके पास प्रति दिन 40 आर्डर आ रहे हैं। सबसे अधिक शादी से जुड़ीं यादें संजोने के आर्डर आते हैं। जिन लोगों के प्रियजन अब दुनिया में नहीं हैं उनसे जुड़ीं चीजें भी रेजिन आर्ट के माध्यम से फ्रेम कराई जा रही हैं।
फनसिटी के पास रहने वाली कुसुम ने अपने बेटे से जुड़ी भावनात्मक यादों को संजोने का रेजिन आर्ट का सहारा लिया। उन्होंने पहले बेटे की गर्भनाल, कंगन व उससे जुड़ी अन्य चीजों को रेजिन आर्ट के माध्यम से संजोया है।
आईवीआरआई की रहने वाली सोनाली ने बताया कि उनके गुरु जब अमेरिका गए तो उनके लिए मैपल ट्री की पत्तियां लेकर आए। सोनाली ने अपने गुरु का आशीर्वाद समझकर मैपल ट्री की पत्ती को रेजिन फ्रेम कराया।
बदायूं की रहने वाली अनुष्का ने इसी वर्ष 12वीं की परीक्षाएं दी, उन्होंने अपने खास दोस्त को उपहार में जीवन भर याद किया जाने वाला तोहफा देना था। उन्होंने अपना खून चाबी के गुच्छे में संजोकर दोस्त को उपहार में दिया है। घी मंडी की रहने वाली कनिष्का ने भी अपने मंगेतर को उनके जन्मदिन पर चाबी का गुच्छा दिया। इसमें भी रेजिन आर्ट के माध्यम से अपने खून को संजोया है।
ये है रेजिन आर्ट रेजिन आर्टिस्ट रितिका ने बताया कि रेजिन आर्ट एक आधुनिक कला विधा है। इसमें लिक्विड एपॉक्सी रेजिन और हार्डनर को मिलाकर सांचों में डाला जाता है या सतहों पर फैलाया जाता है। यह सूखकर कांच जैसी सख्त, चमकदार और पारदर्शी परत बन जाती है। संवाद