बरेली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी। सुरक्षा के लिहाज से श्रीनगर में चप्पे-चप्पे पर सेना तैनात है। तमाम पर्यटक होटलों में शरण लेने को विवश हैं। यातायात सेवाएं बाधित होने से हवाई सेवा ही वापस लौटने का विकल्प है।
ये जानकारी जम्मू-कश्मीर घूमने गए आंवला पक्का कटरा निवासी जीएसटी अफसर नितेश खंडेलवाल और सचिन गुप्ता ने दी। जो मंगलवार को घटना के बाद से श्रीनगर के एक होटल में परिवार समेत ठहरे हैं। बताया कि 17 अप्रैल को बरेली से जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुए। वैष्णो माता के दर्शन कर जम्मू से कार द्वारा श्रीनगर पहुंचे। मंगलवार को डल झील की सैर के दौरान पहलगाम में आतंकी हमले की सूचना मिली। पहले एक व्यक्ति की हत्या का जिक्र था, पर धीरे-धीरे संख्या 20-25 से जब ज्यादा पहुंची तो सभी पर्यटक घबरा गए। दहशत बढ़ने लगी।
बताया कि सेना के जवान पर्यटकों को सुरक्षित स्थान जाने के लिए कह रहे थे। यातायात सेवा बाधित हो गई और जगह-जगक कैंडल मार्च निकाले जाने लगे। जिस ट्रेवल एजेंसी से बुकिंग थी, उनसे संपर्क किया। उन्होंने तमाम प्रयास के बाद होटल में ठहरने की व्यवस्था कराई।
23 को पहलगाम जाना था, शाम को बरेली वापसी
सचिन गुप्ता के मुताबिक बुधवार को पहलगाम घूमकर बरेली की वापसी थी। पर पहलगाम मार्ग पर भूस्खलन और दूसरी ओर आतंकी हमले से परिवहन सेवा बंद हो गई। 23 अप्रैल की वापसी का टिकट निरस्त कराकर आपाधापी में 25 अप्रैल का फ्लाइट का टिकट लेना पड़ा। दो परिवार के आठ लोग हैं। प्रत्येक का किराया 20 हजार रुपये पड़ा। होटल का किराया भी 15 हजार है। जो सामान्य दिनों के सापेक्ष दो से तीन गुना है।
ट्रेवल एजेंट के घनघना रहे फोन, निरस्त कीजिए बुकिंग
ट्रेवल एजेंसी संचालक सुधा अग्रवाल के मुताबिक आतंकी हमले की जानकारी पर जो बुकिंग थी, उसे निरस्त कराने के लिए बुधवार को लोगों के फोन आते रहे। कहा कि जो बुकिंग के लिए कॉल आ रही हैं, उन्हें भी फिलहाल जम्मू-कश्मीर जाने से मना कर रही हैं। ट्रेवल एजेंसी संचालक साकेत अग्रवाल के पास अगले तीन दिन की सभी बुकिंग निरस्त हो गई हैं। जिन्हें अगले माह जाना है, वे हालात सुधरने का इंतजार कर रहे हैं।
तिथि आगे बढ़ाने, अन्य पर्यटन स्थल का मांग रहे पैकेज
ट्रेवल एजेंट राकेश कालरा के मुताबिक आतंकी हमले के बाद जिन लोगों ने बुकिंग कराई थी, उनमें से कई लोग यात्रा की तिथि अगले माह शिफ्ट करने या फिर इसी पैकेज में अन्य पर्यटक स्थल की भ्रमण कराने की मांग कर रहे हैं। लिहाजा, उनकी मांग के अनुसार पैकेज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, जम्मू-कश्मीर के ट्रेवल एजेंटों के भी संपर्क में हैं। ताकि वहां की परिस्थिति के बारे में पता चल सके।