बरेली। आंवला तहसील क्षेत्र में स्थित लीलौर झील के पुनर्जीवित और उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की रूपरेखा के क्रम में डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि लीलौर झील पांडव और यक्ष संवाद की साक्षी है। महाभारत कालीन इस झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। यहां प्रवासी पक्षी भी आते हैं। डीएम ने एसडीएम आंवला से कहा कि झील के पुनर्जीवित के लिए जो भी कार्य मनरेगा से होने हैं, उसका एस्टीमेट तैयार करा लें। सड़कें आदि सही कराई जाएं, जहां इंटरलॉकिंग टूट गई है, उसे दुरुस्त करा लें। संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधानों से डीएम ने कहा है कि झील क्षेत्र के आसपास साफ सफाई के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। वन विभाग के अधिकारी झील किनारे पौधेरोपित कराकर उसे सुंदर बनाएं। बैठक में सीडीओ देवयानी, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह भी थीं। संवाद