बरेली। महिला अस्पताल में शनिवार को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंची गर्भवतियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इंतजार के बाद अगली तिथि मिली तो परिजन आक्रोशित हो गए। हंगामा होने पर रेडियोलॉजिस्ट और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
अल्ट्रासाउंड कक्ष खुलने से पहले ही महिलाएं पहुंच गई थीं। पूर्व में जिन्हें बुलाया गया था, उनकी जांच शुरू हुई। इधर अवकाश के बाद शनिवार को डॉक्टरों ने 90 पर्चों पर जांच लिखी।
महिलाएं कक्ष के बाहर कतार में खड़ी रहीं। जिनके पर्चे दोपहर 12 बजे के बाद पहुंचे, उन्हें अगली तिथि दी गई। इससे परिजन भड़क गए और हंगामा करने लगे। सुरक्षाकर्मी से नोकझोंक भी हुई।
आखिर में रेडियोलॉजिस्ट ने तादाद अधिक होने की बात कहते हुए अगली तिथि देने की मजबूरी जताई। दी गई तिथि पर प्राथमिकता के आधार पर उनकी जांच करने की बात भी कही।
इसके बाद लोग शांत हुए। सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक अल्ट्रासाउंड की एक ही मशीन है। एक जांच में न्यूनतम 10 मिनट लगते हैं। शनिवार को 90 पर्चे बने। 60 की जांच हुई। शेष को अगली तिथियों में बुलाया गया है। ब्यूरो