इंटर डिपेंडटेट बेप्टिस्ट चर्च में आराधना के बाद प्रसाद ग्रहण करतीं महिलाएं ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अंतिम भोज की आराधना के बाद हुए प्रवचन
बरेली। ईसाई समाज में दुख भोग सप्ताह के बाद शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया जाएगा। गुड फ्राइडे की पूर्व संध्या पर शहर के तमाम गिरजाघरों में प्रार्थनाएं की गईं और पूर्व दिवस का महत्व भी बताया गया।
महागिरजाघर सेंट अल्फांसेस चर्च में शाम को प्रभु के अंतिम भोज की आराधना की गई। चर्च प्रभारी फादर हैरी डी कूना के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में अंतिम भोज के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। क्राइस्ट मेथोडिस्ट चर्च में अंतिम भोज की विशेष आराधना में मुख्य पुरोहित पाजरी सुनील के मसीह ने प्रवचन करते हुए इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रार्थना सभा का संचालन पादरी प्रमोद नंदा ने किया। प्रार्थना पादरी केबी एजमंड ने की।
इंटरडिपेंडेंट बैप्टिस्ट चर्च में दुख भोग सप्ताह के पांचवें दिन प्रभुभोज अर्थात पाक आशा की विशेष आराधना की गई। सीनियर पास्टर डॉ. विलियम सैमुअल ने बताया कि 2000 साल पहले सूली पर चढ़ाए जाने से पहले प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों के साथ अंतिम भोज किया था। आराधना का संचालन पास्टर विशाल सैमुअल ने किया। सेंट स्टीफन चर्च में सेंट माइकल चर्च और क्राइस्ट चर्च की संयुक्त आराधना की गई। मुख्य पुरोहित अमन अभिषेक प्रसाद ने गुड फ्राईडे के पूर्व दिवस के दिन के महत्व को बताया।
गुड फ्राइडे पर गिरजाघरों में कई कार्यक्रम
बिशप कोनराड स्कूल परिसर में स्थित सेंट अल्फांसेस चर्च में सुबह सात बजे से टोलियों की आराधना, दोपहर तीन बजे से सामूहिक क्रूस रास्ते में महाप्रार्थना होगी। बिशप इग्नेशियस डिसूजा का मुख्य संबोधन होगा। सिविल लाइंस के क्राइस्ट मेथोडिस्ट चर्च में दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक आराधना होगी। इज्जतनगर के इंटरडिपेंडेंट बैप्टिस्ट चर्च में विशेष आराधना दोपहर 12 बजे होगी। कैंट के सेंट स्टीफन चर्च में सेंट माईकल चर्च क्राइस्ट चर्च के साथ संयुक्त आराधना होगी। इज्जतनगर के सेंट पॉल्स चर्च में भी प्रार्थना सभा होगी।