किसानों को फरवरी और मार्च के महीने में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त फसल का मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन ने शासन से 16.68 करोड़ रुपये मांगे थे लेकिन मिले सिर्फ डेढ़ करोड़ रुपये। ऐसे में किसानों को किस तरह से मुआवजा दें, इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी असमंजस में हैं। फिलहाल जिलाधिकारी ने यह राशि सभी तहसीलों को समान रूप से बांट दी है। शनिवार से किसानों को यह राशि बांटने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए गए हैं।
जिलाधिकारी गौरव दयाल ने गुरुवार को सर्वे कराकर शासन को भेजी रिपोर्ट में 50 फीसदी से अधिक क्षति वाले किसानों के लिए 16.68 करोड़ रुपये मांगे थे। राहत आयुक्त ने देर शाम 1.50 करोड़ रुपये रिलीज कर दिए हैं। पूरी धनराशि न मिलने के कारण निर्णय लिया है कि यह राशि प्राथमिकता के आधार पर सर्वाधिक क्षति वाले किसानों को दी जाएगी। जैसे-जैसे शासन से धनराशि मिलेगी, वैसे-वैसे किसानों को आर्थिक मदद दे दी जाएगी। इससे पहले 919 किसानों को 48 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। जिले में 25 से 50 फीसदी तक क्षति का आंकलन सोमवार तक जिला प्रशासन को मिल जाएगा। इसे शासन को भेजा जाएगा। संकेत मिले हैं कि इनके लिए अगले वित्तीय वर्ष में ही घनराशि मिल सकेगी क्योंकि अभी तक तो 50 फीसदी और उससे अधिक क्षति वाले किसानों के लिए भी शासन से पूरा धन नहीं मिला है।