नवरात्र पर घर-घर या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: श्लोक गूंजते रहे। शुक्रवार को अष्टमी पर कन्याओं को भोज कराया गया। नवमी को भी कन्याएं जिमाई जाएंगी। इस बार लोगों ने परंपरा से अलग बच्चों की पसंद की वस्तुएं भी बच्चों को दीं। बच्चों को चॉकलेट, बिस्कुट, फ्रूटी आदि वस्तुएं भाती हैं तो कई जगह बच्चों को भोज कराने के साथ ये वस्तुएं भी दी गईं। परंपरागत भोज में पूरी-हलवा, छोले-भटूरे, मिठाई भी आदि इस्तेमाल हुआ।
शनिवार को नवमी पर होने वाले कन्या भोज कार्यक्रम में बच्चे जुटाने के लिए ‘एडवांस बुकिंग’ हो गई है। नवमी की पूर्व संध्या पर बच्चों की पसंद वाली वस्तुएं खरीदने के लिए बाजार में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाहदाना बाजार स्थित प्रमुख कंफ्रेक्शनर महेंद्र टिक्यानी ने बताया कि इस बार तमाम लोगों ने कन्या जिमाने के लिए चॉकलेट, टॉफी, बिस्कुट, फ्रूटी आदि भी खरीदी हैं। पेंसिल बॉक्स, पानी बोतल, लंच बॉक्स आदि भी क्षमतानुसार खरीदी गई हैं। बाल विशेषज्ञ डा. अतुल अग्रवाल कहते हैं कि बच्चों को परंपरागत भोज के साथ उनकी रुचि अनुसार खाद्य पदार्थ देना बेहतर रहता है।