मंदिर प्रबंधकों को शासन की गाइड लाइन का इंतजार
बरेली। जनता कर्फ्यू वाले दिन से बंद चले आ रहे देवालय अब आठ जून से खुलने जा रहे हैं। 77 दिनों के बाद खुल रहे इन मंदिरों में इस बार श्रद्धालुओं को मंदिर कमेटियों के नए नियमों के मुताबिक ही पूजा-अर्चना करनी होगी। शहर के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों की प्रबंध कमेटियों ने तय किया है कि वह कोरोना संक्रमण को बढ़ने नहीं देंगे, जिसके लिए वह हर हाल में सामाजिक दूरी का पालन मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से करवाएंगे। कई मंदिरों में सैनिटाइजर की भी व्यवस्था रहेगी। देवालय खोलने के लिए तैयारियां बड़े स्तर पर जारी हैं। मंदिर प्रबंध कमेटियों के जुड़े लोगों का कहना है कि तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं, लेकिन फायनल टच शासन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही दिया जाएगा।
कोरोना संक्रमण के बीच आठ जून से खुल रहे मंदिरों में इस बार व्यवस्थाएं काफी बदली-बदली नजर आएंगी। मसलन, साहूकारा स्थित नौ देवी मंदिर में अब प्रसाद नहीं बंटेगा। न ही यहां श्रद्धालु प्रसाद चढ़ा ही सकेंगे। महंत के मुताबिक, मंदिर में श्रद्धालुओं को सिर्फ माता के दर्शन करने की ही अनुमति होगी। इसके अलावा त्रिवटीनाथ, अलखनाथ, धोपेश्वरनाथ, रामायण मंदिर, वनखंडी नाथ, हरिमंदिर, चौरासी घंटा मंदिर में भी सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
सब कुछ प्लानिंग के तहत होगा
माडल टाउन स्थित हरि मंदिर प्रबंध कमेटी के रवि छाबड़ा का कहना है कि मंदिर की धुलाई-सफाई आदि शुरू करा दी गई है। सात जून की रात तक मंदिर में सभी व्यवस्था दुरुस्त हो जाएंगी। आज से रोज मंदिर को सैनिटाइज कराया जाएगा।
शासन की गाइड लाइन के मुताबिक होगा काम
रामायण मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष अनिल अरोरा ने बताया कि मंदिर में सामाजिक दूरी का ख्याल पहले से ही रखा जा रहा है, अब और अधिक रखा जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रवेश शासन की गाइड लाइन के मुताबिक ही दिया जाएगा।
मंदिर में पहले ही बना दिए थे गोले
सुभाषनगर स्थित चौरासी घंटा मंदिर के रविंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि पहले एक जून से मंदिर खुलने की संभावना थी, जिससे मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी रखने को गोले बना दिए गए थे। देवी मां का शृंगार भी कर दिया गया था। सात जून तक सभी तैयारियां पूरी हो जाएंगी।
हालात सामान्य होने के बाद ही बंटेगा प्रसाद
साहूकारा स्थित नौ देवी मंदिर के महंत किशोर नाथ ने बताया कि कोरोना संक्रमण से स्थिति सामान्य होने के बाद ही मंदिर में प्रसाद बांटा जाएगा। श्रद्धालु मंदिर में देवी के दर्शन करके वापस जाएंगे। श्रद्धालुओं के जाने के बाद मंदिर परिसर को धोया जाएगा।
मंदिर बंद हुए दो महीने से अधिक हो गए हैं। अब तक घर पर ही पूजा अर्चना कर रहे थे। अब मंदिर खुलने वाले हैं। ऐसे में सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखते हुए जाएंगे। अपनी सुरक्षा के लिए ज्यादा सजग रहना पड़ेगा। -पीके दुबे, रेल कर्मचारी
गुरूद्वारा गुरु सिंह सभा सुभाषनगर के मुख्य द्वार पर एक सेवादार की ड्यूटी लगाई जाएगी। जो सभी के हाथ सैनिटाइज कराकर गुरुद्वारा में प्रवेश कराएंगे। एक-एक सेवादार को ही गुरु ग्रंथ दरबार साहिब के समक्ष माथा टेकने दिया जाएगा।
-हरप्रीत सिंह गोलू, गुरुद्वारा सुुुुभाषनगर