मुरादाबाद में तैनाती के दौरान कांठ प्रकरण में भाजपाइयों की आंखों की किरकिरी बने एसएसपी धर्मवीर यादव मंगलवार को एक बार फिर भगवा ब्रिगेड के निशाने पर आ गए। प्रेमनगर की प्रियांगी गंगवार के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर एसएसपी दफ्तर पहुंची साध्वी डॉ. प्राची और उनके साथियों से हुई बदसलूकी से लोग भड़क गए। एसएसपी दफ्तर से अपने साथ आए लोगों को बाहर निकाले जाने और फिर एसएसपी से हुई नोंकझोंक के बाद गुस्साई साध्वी ने डीआईजी से इसकी शिकायत की तो उन्होंने खेद व्यक्त करके पुलिस महकमे की ओर से माफी मांग ली। इसके बाद भी साध्वी ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की और बाद में उनकी अगुवाई में दामोदर पार्क से कलक्ट्रेट तक कैंडल मार्च निकाला गया। एसीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग की गई। जुलूस के दौरान लोगों ने एसएसपी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
मंगलवार को सवा ग्यारह बजे साध्वी डॉ. प्राची, प्रियांगी के पिता राजेश गंगवार और उनके साथियों के साथ एसएसपी धर्मवीर यादव से मिलने पहुंची। एसएसपी उस समय ऑफिस नहीं आए थे। एक दरोगा ने साध्वी के साथ कक्ष में बैठे लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। प्रियांगी के चाचा राकेश गंगवार के अनुसार विरोध करने पर दरोगा ने उनका कॉलर पकड़ लिया। इस पर लोग नाराजगी जता ही रहे थे कि इसी बीच एसएसपी भी आ गए। एसएसपी ने आते ही अपने स्टाफ से पूछा कि साध्वी जी को चाय पिलाई है या नहीं? इस पर प्रियांगी के चाचा ने कह दिया कि आप चाय की बात कर रहे हो, इधर आपके स्टाफ के लोग हमें कमरे से निकाल रहे हैं। साध्वी ने भी राकेश का साथ देते हुए विरोध जताया। साध्वी प्राची का आरोप है कि एसएसपी ने उन पर ही सवाल दागते हुए पूछा कि आपके आश्रम में कोई बिना बताए पहुंच जाए तो कैसा लगेगा। इस पर साध्वी ने कहा कि हम खुद नहीं आए, आपके स्टाफ ने ही हमें कक्ष में बैठाया है। एसएसपी पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए साध्वी कक्ष के बाहर निकल आईं। उन्होंने फोन पर डीआईजी से शिकायत तो उन्होंने साध्वी को अपने ऑफिस में बुला लिया।
डीआईजी आरकेएस राठौर से साध्वी ने कहा कि एसएसपी का व्यवहार ठीक नहीं है। उन्होंने उनके साथ अभद्रता की है। धर्मवीर यादव मुगल बादशाहों की तरह काम कर रहे हैं। डीआईजी ने एसएसपी के व्यवहार पर खेद जताते हुए कहा कि यदि उन्होंने ऐसा किया है तो वह उनकी तरफ से माफी मांगते हैं। उन्होंने प्रियांगी की हत्या पर भी अफसोस जताते हुए हत्यारोपी इमरान और उसके साथियों को कड़ी सजा दिलाने का वादा किया। डीआईजी ने एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा और सीओ सिटी को बुलाकर प्रियांगी के परिवार के लोगों के सामने ही केस को मजबूत करने के लिए कहा।
शाम पांच बजे साध्वी के अगुवाई में प्रियांगी के पिता और उनके साथियों ने विश्व हिंदू परिषद के लोगों के साथ दामोदर पार्क से कैंडल मार्च निकालकर एसीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इसमें एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग की गई है। जुलूस में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी एडवोकेट भी शामिल हुए।
कोट------
साध्वी प्राची प्रियांगी हत्याकांड के मामले में उनसे मिलने आई थीं। बड़े अच्छे माहौल में बातचीत हुई है। साध्वी ने चाय और पानी भी पिया। किसी से साध्वी और उनके साथियों की कहासुनी नहीं हुई। उन पर लगाए गए आरोप बकवास हैं- धर्मवीर यादव, एसएसपी
एसएसपी धर्मवीर यादव ने प्रियांगी के पिता और उसके परिवार की बेइज्जती की है। कबीना मंत्री आजम खां के इशारे पर उनके साथ अभद्रता की गई है। एसएसपी का व्यवहार ठीक नहीं है। इसलिए किसी भी जिले में उनकी तैनाती नहीं होनी चाहिए। सरकार को उन्हें बर्खास्त करके घर बैठा देना चाहिए। वह इसे लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी बात करेंगी।
साध्वी प्राची
यह है मामला
पांच नवंबर 2014 को प्रेमनगर इलाके की राजेंद्रनगर कॉलोनी की कोठी नबंर बी-17 में इमरान से अपने रुपये लेने गई बीएड की छात्रा प्रियांगी की मुंह दबाकर हत्या करने के बाद उसका शव बिलवा पुल के पास दबा दिया गया था। अगले दिन उनके पिता राजेश गंगवार ने गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। कई दिन बाद उसका शव बरामद हो पाया था। पुलिस ने इमरान, उसके छोटे भाई सलमान और दोस्त गुड्डू को जेल भेज दिया है। तीसरा आरोपी उसके भांजे मोहम्मद अहमद को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है।