बरेली। तापमान में इजाफा होने के साथ बिजली कटौती फिर परेशान करने लगी है। लोकल फॉल्ट का आंकड़ा बढ़ गया है, लेकिन शिकायत के बाद भी फॉल्ट समय से ठीक नहीं कराए जा रहे। पिछले दिनों बैठक के दौरान ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत ने विद्युत निगम के अधिकारियों की क्लास ली थी। इससे पहले वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार की शिकायत पर बरेली में उच्च स्तरीय बैठक में भी अधिकारियों की किरकिरी हो चुकी है, लेकिन अपेक्षा के अनुसार सुधार नहीं दिख रहा।
जून के पहले और दूसरे सप्ताह शहर में बिजली आपूर्ति का बुरा हाल रहा। एक बार की आंधी-बारिश के बाद सभी 27 उपकेंद्रों से आपूर्ति सामान्य करने में तीन दिन तक का समय लगा। पिछले चार दिन से तापमान में लगातार इजाफा होने के कारण बिजली की मांग भी बढ़ गई है। इस बीच जिम्मेदारों की लापरवाही फिर सामने आने रही है। शुक्रवार रात पवन विहार, सिविल लाइंस तृतीय, शाहदाना, हरूनगला, जगतपुर उपकेंद्रों से आपूर्ति का बुरा हाल रहा। मंत्रियों की फटकार का भी विद्युत निगम के जिम्मेदारों पर असर नहीं दिख रहा।
पवन विहार में बिजली पूरी रात आती-जाती रही। दिन में भी ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा। कटरा चांद खां, बालजती, नवादा शेखान इलाकों में भी रात भर बिजली आँख मिचौली करती रही। कुछ इलाकों में शनिवार सुबह होने तक आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
छह टीजीटू की तैनाती के बाद भी बुरा हाल
रात में कोई फॉल्ट या ब्रेक डाउन होने की दशा में आपूर्ति समय से बहाल कराने के लिए अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने 14 जून को किला, हरूनगला, पवन विहार, परसाखेड़ा, सुभाषनगर सीबीगंज उपकेंद्रों पर रात आठ से सुबह चार बजे तक टीजीटू की तैनाती की थी, लेकिन इसके बाद भी रात में अगर कोई फॉल्ट हो जाता है या फिर फेस की समस्या होती है तो उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुचारू होने के लिए सुबह तक का इंतजार करना पड़ता है।