बरेली में बेमौसम बारिश ने औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति के दावों की पोल खोल दी है। बृहस्पतिवार को औद्योगिक संगठन की ओर से बिजली अफसरों को पत्र भेजकर फाल्ट, ट्रिपिंग से निजात दिलाने की मांग की। दावा है कि अब तक 40 लाख रुपये राजस्व प्रभावित हुआ है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन मयूर धीरवानी के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और जरूरत को देखते हुए समुचित तकनीकी स्टाफ की तैनाती की जाए, ताकि उद्योगों को निर्बाध सुचारू विद्युत आपूर्ति मिल सके। परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी करीब पांच दिन से बिजली आपूर्ति की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों के संचालन में अड़चन से उत्पादन पर असर और देरी के चलते उत्पादित माल की लोडिंग प्रभावित हो रही है। 28 जनवरी, बुधवार की दोपहर दो बजे से बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे तक परसाखेड़ा में बिजली आपूर्ति बाधित रही। क्षेत्र में स्थित करीब 300 उद्योगों में से करीब सौ से ज्यादा इकाइयां जेनरेटर पर संचालित हुईं, जबकि अन्य बंद कर दी गईं।
परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के 33/11 केवी सब-स्टेशन से सभी इकाइयों में आपूर्ति होती है। वर्टिकल व्यवस्था लागू होने से सब-स्टेशन पर दिन-रात के सापेक्ष तीन लाइनमैन तैनात हैं। जबकि क्षेत्रफल अधिक होने से तैनाती की तादाद कम है। वहीं, जेई पर 10 किलोमीटर दूर किला क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। इससे तकनीकी निगरानी प्रभावित होती है। ब्रेकडाउन से 40 लाख रुपये के रोजाना राजस्व का नुकसान होता है।
दोपहर बाद कुछ इकाईयों पर बिजली आपूर्ति शुरू
आईआईए मीडिया प्रभारी और उद्यमी ऋषभ दीक्षित के मुताबिक अधिकारियों से संपर्क के बावजूद शाम तक सभी उद्योगों में बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी। व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या, अतिरिक्त प्रभार के बगैर नियमित जेई की तैनाती, आवाजाही के लिए कर्मचारियों को वाहन और जरूरी उपकरण, संभव हो तो पुराने कर्मचारियों की दोबारा से केंद्र पर तैनाती की जाए ताकि दिक्कत न हो।