बरेली। बिजली विभाग के जेई संगठन ने अपनी मांगों को लेकर दूसरे दौर का आंदोलन शुरू कर दिया है। पहले ही दिन इसकी वजह से विभागीय कामकाज करीब-करीब ठप रहा। संगठन ने मांगें पूरी होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
जेई संगठन ने वेतनमान, निजीकरण, उत्पीड़न और स्थानांतरण नीति को मुद्दा बनाया है। सोमवार को आंदोलन का दूसरा दौर शुरू हुआ। चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में संगठन ने सुबह दस से शाम पांच बजे तक धरना दिया जिसमें मंडल भर के जेई शामिल हुए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि प्रबंधन तानाशाही रवैया दिखाते हुए नियम विरुद्ध आदेश कर रहा है। नई स्थानांतरण नीति के नाम पर मनमाने ढंग से इधर-उधर ट्रांसफर किए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त बड़े अफसर मुख्यालय पर बैठकर मौज कर रहे हैं। बिजली सप्लाई से लेकर राजस्व वसूली तक काम में लगा दिए हैं। उपकेंद्रों पर सुविधाएं तक नहीं है। इसके अभाव में आए दिन विवाद होते हैं। धरनास्थल पर अजय शुक्ला, अभय सिंह, आरके शर्मा, पवन चंद्रा, आरके झा, महेंद्र सिंह, एमए खान, मनीश गुप्ता, हीरालाल गुप्ता आदि ने विचार रखे।