बरेली। संजयनगर में वन मंत्री के कार्यक्रम में विद्युत निगम के किसी अधिकारी के न पहुंचने के मामले की जांच में पता चला कि इंटेली स्मार्ट के पीआर मैनेजर ने खुद को विद्युत निगम का जनसंपर्क अधिकारी बनकर मंत्री का कार्यक्रम लिया था। इसकी सूचना भी विद्युत निगम को नहीं दी। अफसरों ने आरोपी के निष्कासन की संस्तुति की है।
संजयनगर में शनिवार को आयोजित चौपाल में वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना का कार्यक्रम लिया गया था। वह पहुंचे तो वहां विद्युत निगम का कोई अधिकारी नहीं मिला। इससे वह नाराज होकर निकल गए थे। अफसरों को कॉल करके लताड़ भी लगाई थी। इसके बाद निगम ने प्रकरण की जांच कराई। पता चला कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी इंटेली स्मार्ट के पीआर मैनेजर अनुराग सिंह ने चौपाल लगाई थी। इसकी सूचना अफसरों को नहीं दी थी। उसने खुद को विद्युत निगम का जनसंपर्क अधिकारी बताकर मंत्री का कार्यक्रम लिया था। प्रोटोकाल के उल्लंघन, विभाग की छवि धूमिल करने और मंत्री को भ्रामक सूचना देने के आरोप में मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने अनुराग सिंह के निष्कासन की संस्तुति लखनऊ मुख्यालय भेज दी है।
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निगम का जनसंपर्क अधिकारी बनकर फर्जी तरीके से मंत्री का कार्यक्रम ले लिया। इससे मंत्री को असुविधा हुई और निगम की छवि भी खराब हुई। इसलिए निष्कासन की संस्तुति की है। -ज्ञान प्रकाश, मुख्य अभियंता
इंटेली स्मार्ट के पीआर मैनेजर ने कार्यक्रम लिया था। इसकी सूचना अधिकारियों को नहीं दी थी। मैं गृह जनपद में प्रोटोकॉल का पालन नहीं करता हूं। इस वजह से दिक्कत हुई। - डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन मंत्री