आरोपियों ने 25 लाख रुपये मांगे थे
सोशल मीडिया पर विप्रा के फोटो भी दिखाए। मनोरमा ने पिता रामनिवास को इस बारे में बताया तो वह नौकरी लगवाने के लिए राजी हो गए। दीक्षा ने विप्रा शर्मा और शिखा शर्मा से उनकी बात कराई। विप्रा ने मनोरमा और उसके भाई की नौकरी लगवाने के लिए 25 लाख रुपये की मांग की।
रामनिवास ने अलग-अलग तारीखों पर 1950000 रुपये विप्रा को दिए और डेढ़ लाख रुपये नीली बत्ती की कार से आई तो दिए। विप्रा के गैंग ने फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे।