बरेली के मदरसे में हुई थी पढ़ाई
परिवार के मुताबिक, तौसीफ का बरेली से पुराना नाता है। उनकी शिक्षा बरेली दरगाह के पास स्थित मदरसे से हुई और यहां से सीवान जाकर वहां की मस्जिद में वह इमाम बन गए। सूत्रों के मुताबिक, वह बरेली में दरगाह से जुड़े लोगों के पास इस उद्देश्य से आए थे कि उन्हें बरेली में इमाम का काम मिल जाए। परिवार को इसमें गहरी साजिश और हत्या का शक है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि मौलाना तौसीफ रजा की पत्नी ने कॉल रिकॉर्डिंग के बारे में बताया है। हालांकि वह सीवान में ही कार्रवाई कराना चाहती थी। वहां से उन्हें बुलाया गया है। अगर वह चाहेंगी तो पुलिस मामला दर्ज करके विवेचना में सच्चाई सामने लाएगी।