फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: ओटीटी योजना में पोर्टल का अड़ंगा... टैक्स जमा करने के लिए चक्कर लगा रहे वाहन स्वामी

Tue, 24 Feb 2026 03:07 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। कामर्शियल वाहनों का टैक्स जमा करने के लिए परिवहन विभाग वन टाइम टैक्स (ओटीटी) योजना लाया है। विभाग का प्रयास है कि टैक्स तेजी से जमा कराया जाए लेकिन इससे जुड़ा पोर्टल इसमें अड़ंगा लगा रहा है। पोर्टल पर सात बिंदुओं में खामियां आने के चलते वाहनों का टैक्स जमा करने में समस्या आ रही है। लोगों को अधिक पेनाल्टी देनी पड़ रही है। विभाग की तरफ से इसके लिए अपर परिवहन आयुक्त आईटी को पत्र लिखकर वाहन पोर्टल ठीक करने की मांग की गई है। फिलहाल, जिले के 57 हजार कामर्शियल वाहन स्वामी पोर्टल ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में एक फरवरी से कामर्शियल वाहन संचालकों को टैक्स देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत निर्माण कार्य में लगने वाले वाहन पर 7500 किलोग्राम से कम पर छह फीसदी ओटीटी का प्रावधान है। लेकिन जो वाहन इससे अधिक वजन के हैं उनमें ओटीटी लेने का विकल्प उपलब्ध नहीं है। नियमत: निर्माण वाले वाहनों में भार का कोई संबंध नहीं है और सभी पर छह फीसदी कर जमा होना चाहिए। वहीं, वाहन स्वामियों का कहना है कि ओटीटी योजना में यदि किस्त में टैक्स जमा और पेनाल्टी माफ करने का प्रावधान होता तो ज्यादा बेहतर होता।
वहीं, ओटीटी जमा होने के बाद टैक्स क्लीयरेंस भी पोर्टल पर नहीं दिख रहा है। वहीं, पूर्व में कर जमा होने के बाद भी कई वाहनों पर अनावश्यक पेनाल्टी दिख रही है। इसके अलावा वाहन के रंग में बदलाव, वाहन समर्पण, पंजीयन निरस्तीकरण के समय आवश्यक दस्तावेज अपलोड की व्यवस्था नहीं है। संविदा परमिट पर संचालित स्कूल वाहनों से आधा कर लिया जाना है। गैर परिवहन वाहन में परिवर्तित होता है तो वाहन के मूल्य का 2.5 फीसदी अतिरिक्त कर देय है। ऑल यूपी परमिट में शुल्क जमा न होने पर भी आवेदन लंबित हैं। इन समस्याओं को लेकर वाहन स्वामी परिवहन विभाग व पोर्टल पर टैक्स जमा करने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन

.........................
केस वन :-
बड़ी बिहार निवासी फैजान ने बताया कि उनकी क्रेन है। क्वार्टर में कामर्शियल टैक्स जमा करते हैं। उनका 1.90 लाख रुपये वन टाइम टैक्स दिख रहा है। किस्त की व्यवस्था हो तो सहूलियत हो, इससे परेशानी हो रही है।
.....................
केस टू :-
सिरौली निवासी आशिफ ने बताया कि उनके पास दो जेसीबी है, जिसका वन टाइम टैक्स जमा करना है। इसमें से एक जेसीबी पर 2023 से टैक्स न जमा करने पर पेनाल्टी लगी है। पेनाल्टी माफ हो जाए तो 1.90 लाख रुपये बच जाएगा। हालांकि वन टाइम टैक्स पर भी 1.90 लाख रुपये देना होगा।
.......................
केस थ्री :-
नवाबगंज निवासी संजीव गंगवार ने बताया कि उनकी एक जेसीबी का कामर्शियल टैक्स एक साल से नहीं जमा है। ऐसे में चार दिन पहले परिवहन विभाग की तरफ से जेसीबी को सीज कर दिया गया। इससे उनकी कमाई का जहां जरिया बंद हो गया वहीं पेनाल्टी के तौर पर 1.52 लाख लग रहा है। वन टाइम टैक्स में भी 1.92 लाख रुपये देना होगा। किस्त की व्यवस्था होती तो कुछ संभव था।
...................
वर्जन ...
वन टाइम टैक्स जमा करने के दौरान वाहन संचालकों को जो भी कमियां सामने आ रही है, उसको बिंदुवार बनाकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। संभव है कि जल्द ही पोर्टल में संशोधन हो जाएगा तो लोगों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन

- पंकज सिंह, आरटीओ प्रशासन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें