सड़कों पर लटकते पेड़ व खंभे साबित हो रहे जानलेवा, जिले में हैं 45 ब्लैक स्पॉट
बरेली। आए दिन खून से लाल हो रहीं सड़कें खराब इंजीनियरिंग की पोल खोल रही हैं। स्वालेनगर में शनिवार रात हुआ हादसा इसका ताजा उदाहरण है। वहां सड़क पर खड़े पेड़ से कर टकराने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी कई ऐसी जगह हैं, जहां सड़कों के गड्ढे, अंधे मोड़, पेड़, बिजली के खंभे आदि हादसों की वजह बन रहे हैं। जिले में इस तरह के 45 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। जिले में वर्ष 2025 में 731 सड़क हादसे हुए। इनमें 296 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 631 लोग घायल हुए हैं। ब्यूरो
केस 1
फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के टिसुआ में नहर के पास सड़क पतली होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। 7.50 मीटर चौड़ी सड़क यहां पर आकर पतली हो गई है। वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को इसका पता ही नहीं चलता और हादसे हो जाते हैं। चार महीने पहले यहां हुए हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई थी।
केस 2
18 अक्तूबर 2025 को भुता थाना क्षेत्र में सड़क पर लटकते पेड़ की वजह से बस दूर से टर्न हुई। इस दौरान सामने से आ रही वैन में उसकी जोरदार टक्कर हो गई थी। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी। भोजीपुरा थाना क्षेत्र में नैनीताल से शाहजहांपुर जाने वाला मार्ग जर्जर होने से हादसे होते रहते हैं।
सड़क निर्माण से पहले ही पेड़ों की कटाई व खंभों को हटाया जाना चाहिए। तेज रफ्तार व अवैध कट भी सुरक्षित सफर में बाधक बन रहे हैं। अवैध कट को बंद किए बगैर शून्य मृत्यु दर के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकेगा। - प्रणव कुमार झा, आरटीओ प्रवर्तन
वन विभाग ने कटवाया पेड़, लोगों ने ली राहत की सांस
बरेली। किला थाना क्षेत्र के स्वालेनगर में तीन लोगों की मौत की वजह बने पेड़ को आखिरकार वन विभाग ने मंगलवार को कटवा दिया। इसके साथ ही सड़क पर लटक रहे तीन अन्य पेड़ों को भी काट दिया गया। इसमें शीशम के दो, सेमल व कंजी के एक-एक पेड़ शामिल हैं। इससे आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। शनिवार रात स्वाले नगर के पास पेड़ से कार टकरा गई थी। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी। वन विभाग ने मंगलवार को पेड़ों की छपान कराते हुए उनको कटवा दिया। डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि जनहित में पेड़ों को कटवाया गया है। ब्यूरो