पहले उन गांव-वार्डों को प्राथमिकता मिलेगी जहां सबसे ज्यादा लोग
बरेली। लॉकडाउन के दौरान दिल्ली सहित दूसरे राज्यों से आए 14500 लोगों में कोरोना की जांच के लिए पूल टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए लोगों के ग्रुप बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक ग्रुप के सभी लोगों के एक साथ सैंपल लेकर उनकी जांच होगी। अगर किसी समूह की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तब सभी सदस्यों की अलग-अलग जांच की जाएगी।
देश में 23 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद दिल्ली, नोएडा, हरियाणा सहित दूसरे प्रांतों से बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटे थे। प्रशासन ने सर्वे में ऐसे करीब 14500 लोगों को चिह्नित किया है। सुभाषनगर में एक परिवार के कोरोना मुक्त हो जाने के बाद फिलहाल जिले में कोरोना का एक भी केस नहीं है। प्रशासन अब बाहर से आए लोगों की पूल टेस्टिंग कराने जा रहा है। अफसरों का कहना है कि पहले उन गांवों और वार्डों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सबसे ज्यादा लोग बाहर से आए हैं। वहां भी लोगों के ग्रुप बनाए जाएंगे। जैसे जितने लोग दिल्ली से आए हैं, उनका एक ग्रुप, इसी तरह दूसरी जगहों से आए लोगों का दूसरा ग्रुप, फैक्ट्री में काम करने वाले सभी लोगों का अलग ग्रुप बनाया जाएगा। इसके बाद सभी का पूल टेस्ट कराया जाएगा। अगर किसी समूह की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो फिर उस ग्रुप के सभी सदस्यों की अलग-अलग जांच होगी। इसी तरह सभी लोगों को जांच से कवर किया जाएगा। डीएम नितीश कुमार का कहना है कि इस जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की 30 मोबाइल टीमें काम कर रही हैं।
आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग भी होंगे कवर
स्वास्थ्य, सुरक्षा, खानपान सहित दूसरी आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों के भी पूल टेस्ट कराए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक ही फील्ड या वर्क ऑफ नेचर के लोगों के ग्रुप बनाकर उनकी पूल टेस्टिंग होगी।
लॉकडाउन के दौरान बाहर से आए और आवश्यक सेवा तथा आपूर्ति में लगे सभी लोगों की पूल टेस्टिंग कराई जा रही है, ताकि जिले में कोरोना का कोई केस छिपा हो तो उसे आसानी से खोजा जा सके। - नितीश कुमार, डीएम