दिवाली के दौरान एकाएक बढ़े प्रदूषण के कारण सूबे के तमाम शहरों को स्मॉग ने ढक लिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी के मद्देनजर लोगों को स्मॉग से निजात दिलाने के लिए सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में पानी का छिड़काव कराने का आदेश जारी किया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट के मुताबिक शहर में शहामतगंज, चौपुला, शहदाना और मॉडल टाउन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण पाया गया था, लेकिन होने की रिपोर्ट दी थी, लेकिन अग्निशमन विभाग ने इसे खारिज कर दिया। अग्निशमन विभाग ने शहर में अफसरों के बंगलों और दफ्तरों को सबसे ज्यादा प्रदूषित मानते हुए मंगलवार को सिर्फ वहीं छिड़काव कराया।
सर्दियों की शुरुआत में ही सूबे के कई दूसरे शहरों की तरह बरेली में भी धुंध छा गई थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसे खतरनाक स्मॉग करार देते हुए अलर्ट जारी किया था। एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम के तहत कराई गई जांच में शहर के व्यस्त बाजारों और उन चौराहों पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से काफी ज्यादा पाया गया था जहां से दिन भर हैवी ट्रैफिक गुजरता है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शासन ने निर्देश जारी किए थे कि स्मॉग हटाने के लिए सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में अग्निशमन विभाग से पानी का छिड़काव कराया जाए। मंगलवार को इसकी शुरुआत हुई तो शहामतगंज, चौपुला जैसे सर्वाधिक प्रदूषित इलाकों से नहीं, बल्कि सिविल लाइंस में अधिकारियों के घरों और दफ्तरों के आसपास अग्निशमन विभाग की टीमें पानी छिड़कती दिखाई दीं। हालांकि कैंट के हरे-भरे इलाके से सटा होने के कारण इस क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर पहले से नियंत्रित है।
नवंबर के पहले सप्ताह में हुई थी प्रदूषण की जांच
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम के तहत पांच से आठ नवंबर तक शहर के अलग-अलग स्थानों पर जांच की गई। जिसमें सबसे ज्यादा प्रदूषण शहामतगंज, चौपुला, शहदाना, मॉडल टाउन में मिला था। आंकड़ों के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से 200 पीएम के बीच के सामान्य मानक के बजाय शहर में पीएम की मात्रा 290 से 585 तक पहुंच गई थी।
6 नवंबर को पाए गए टॉप थ्री प्रदूषित इलाके
शहामतगंज शहदाना मॉडल टाउन
325 365 315
(आंकड़े पीएम में, मानक के अनुसार पीएम का सामान्य स्तर 100 से 200 के बीच होनी चाहिए।)
शहर के जिन इलाकों में प्रदूषण की स्थिति दर्ज की गई है वहां के प्रदूषण स्तर सिविल लाइंस से अधिक पाया गया है। एनालाइजर मशीन सिर्फ आईवीआरआई और सिविल लाइंस में लगी है, लेकिन यहां प्रदूषण की स्थिति पुराने शहर से कम है। शहदाना, डीडीपुरम और मॉडलटाउन जैसे इलाकों से रात को कुछ ज्यादा ही बड़े वाहन गुजरते हैं।
डॉ. डीके सक्सेना, पर्यावरणविद्
पानी के छिड़काव की मंगलवार से शुरुआत हुई है। हमने पहले दिन सिविल लाइंस में पानी का छिड़काव किया है। यह आगे भी जारी रहना है। शहामतगंज, चौपुला आदि दूसरे स्थानों पर भी छिड़काव किया जाएगा। - केसी रावत, सीएफओ