बरेली। दिवाली बाद से लगातार खतरनाक स्थित में चल रहा एक्यूआई बुधवार को घटकर 450 से नीचे पहुंच गया है, मगर हवा में प्रदूषण का स्तर अब भी बढ़ा हुआ है। पर्यावरणविद् का कहना है कि हवा चलने से धुंध कुछ छंटी है। एक्यूआई कुछ नीचे आ गया है, लेकिन स्थिति अब भी अच्छी नहीं हैं। हवा में प्रदूषण बरकरार है। लिहाजा घर से निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। हालांकि उनका ये भी कहना है कि हवा चलती रही तो प्रदूषण स्तर कम हो जाएगा।
स्मॉग बढ़ने के साथ एक्यूआई का स्तर भी काफी बढ़ गया था। चौपुला, इज्जतनगर रेलवे क्रॉसिंग, सेटेलाइट, कुतुबखाना जैसे स्थानों पर स्थिति बेहद खराब थी। दो दिन पूर्व तो एक्यूआई 500 के ऊपर पहुंच चुका था। हालांकि दो दिन से हल्की हवा चल रही है, इससे स्मॉग छंट रहा है। पर्यावरणविद् डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार वायुमंडल में घुले प्रदूषण के कण हवा के साथ उड़ रहे हैं, इससे स्थिति पहले से कुछ सुधरी है। लेकिन हवा अब भी जहरीली है। एक्यूआई जरूर 450 से नीचे आ गया है, लेकिन स्थित अब बी अच्छी नहीं है। उन्होंने बताया कि अगर घना कोहरा रहा और बादल छाने से धूप नहीं खिली तो स्थिति सुधरने में थोड़ा वक्त लग सकता है। मौसम साफ हुआ तो तीन चार दिन में एक्यूआई की स्थिति और बेहतर हो जाएगी।
अपनी गर्दन बचाने में जुटा पीसीबी
शहर में प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के अफसर सब कुछ अच्छा बताने में जुटे हैं। पीसीबी का दावा है कि राजेंद्रनगर में स्थापित उनके स्टेशन से सही आंकड़े मिल रहे हैं और वह इसी से शहर के प्रदूषण को माप रहे हैं। जबकि दिवाली के बाद से शहर की स्थिति बेहद खराब है। पराली जलाने, जगह-जगह नगर निगम के डलावघरों में आग लगाने, निर्माणाधीन भवन से निकलने वाली धूल, टूटी सड़कें, वाहनों की बढ़ती संख्या प्रदूषण का प्रमुख कारण है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम कर रहे डॉ. डीके सक्सेना का कहना है कि पीसीबी के स्टेशन पर कोई अपग्रेड उपकरण नहीं हैं। मंत्रालय ने प्रोजेक्ट के तहत उनको एडवांस उपकरण दिए हैं, इससे वह बरेली और शाहजहांपुर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर काम कर रहे हैं।