बरेली। दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन और तहरीक ए तहफ्फुज ए सुन्नियत (टीटीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी अहसन मियां ने भी खुले तौर पर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि संविधान विरोधी, मुस्लिम विरोधी व इंसानियत विरोधी कानून का हम पूरी तरह से विरोध करते हैं। जब तक इस काले कानून को मरकजी हुकूमत वापस नहीं लेती तब तक विरोध जारी रहेगा।
अहसम मियां ने कहा कि क्या इसे काला कानून नहीं कहा जायेगा, जो हमसे हमारी पहचान मांग रहा है। हमसे हिंदुस्तानी होने का सुबूत मांगा जा रहा है। ये कानून मुसलमानों को घुसपैठिए और अन्य को शरणार्थी का दर्जा दे रहा है। इससे मजहबों की दीवार खड़ी की जा रही है। शांति पूर्वक तरीके से जो लोग भी प्रदर्शन कर रहे हैं, उनको मेरी पूरी हिमायत है। मुल्क भर की सभी छोटी बड़ी दरगाहों, खानकाहों, तालीमी इदारों को आगे आकर सीएए की मुखालफत समेत जामिया मिल्लिया इस्लामिया, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ हुए ज़ुल्म का कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए। देश भर के उलेमा व सज्जादानशीन दरगाह के संपर्क में हैं। जल्द ही इस पूरे मामले को लेकर मुल्क भर के सज्जादगान व उलेमा की एक बैठक दरगाह पर बुलाई जाएगी।