बरेली। इमामों की जमात अय्यमाए अहले सुन्नत ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। यहीं पर इमाम मुफ्ती राहत खान कादरी को रिहा करने की मांग उठाई गई। इस दौरान एमआईएम के लोग भी प्रदर्शन के लिए पहुंचे। आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां ने भी जमात अय्यमाए अहले सुन्नत के विरोध प्रदर्शन में शिरकत की।
आईएमसी के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अय्यमाए अहले सुन्नत के लोग भी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में धरना देने दामोदर स्वरूप पार्क पहुंचे। इसमें शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम सहित कई और इमामों ने अपने संबोधन में नए कानून को संविधान के खिलाफ बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। इसी के साथ मदीना मस्जिद के इमाम मुफ्ती राहत को रिहा करने की मांग उठाई। इसी बीच एमआईएम के लोग भी कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। उधर, मौलाना तौकीर को किसी ने सूचना दी कि दामोदर स्वरूप पार्क में इमाम की रिहाई की मांग को लेकर कुछ लोग जमा हैं, इस पर मौलाना तौकीर भी वहां पहुंच गए। उन्होेंने लोगों से कहा कि उनकी प्रशासनिक अधिकारियों से बात हो गई है, मुफ्ती राहत को छोड़ दिया जाएगा, आप लोग अब यहां से जाएं। इसके बाद इमामों के प्रदर्शन में शामिल लोग वापस होने लगे, लेकिन एमआईएम के लोग वहीं डटे रहे। इससे कई घंटे तक वहां तनातनी के हालात बने रहे। हालांकि इस दौरान एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, एसपी क्राईम आदि मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने दोनों संगठनों से ज्ञापन ले लिया। अधिकारियों ने जैसे-तैसे इन लोगों को समझाकर वापस भेजा।
मस्जिदों से की गई अपील
बरेली। आईएमसी के धरना-प्रदर्शन को लेकर सभी मस्जिदों में एक से डेढ़ बजे के बीच जुमे की नमाज अदा कर ली गई थी। साथ ही मस्जिदों के इमामों ने नमाजियों से नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन में शरीक होने की अपील की। नमाज के बाद तमाम लोग नौमहला पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे।