आरोपी इमाम मो. राहत खान।
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दिन भर इज्जतनगर थाने में रखा, शाम को मुचलके पर छोड़ा, इमाम समेत दो पर रिपोर्ट
बरेली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सोशल मीडिया के जरिये भावनाएं भड़काने का काम किया जा रहा है। महलऊ मस्जिद के इमाम ने भी ऐसी ही एक विवादित पोस्ट सोशल मीडिया पर डाल दी। इसमें जुमा की नमाज के बाद कलक्ट्रेट कूच करने का आह्वान किया गया था। देर रात ही इज्जतनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर इमाम को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को दिन भर इमाम से मिलने वालों का थाने में तांता लगा रहा। देर शाम पुलिस ने इमाम को मुचलके पर रिहा कर दिया।
इज्जतनगर के महलऊ की मदीना मस्जिद के इमाम मोहम्मद राहत खान कादरी ने सोशल मीडिया पर एक पत्र और पोस्ट डालकर कलक्ट्रेट पर विशाल धरना प्रदर्शन का आह्वान किया था। शाहजहांपुर के खुटार थाने के कहमरिया गांव निवासी इमाम की ओर से लोगों से जुमे की नमाज के बाद चौकी चौराहे के पास दामोदर स्वरूप पार्क में जुटने को कहा गया था। शहर और आसपास के सभी उलमा, मौलानाओं से भारी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा गया था कि देश और जनता की रक्षा के लिए आगे आएं और देशभक्ति का प्रमाण दें। साथ ही राहत की ओर से फेसबुक पर अलग से की गई पोस्ट में प्रधानमंत्री और सूफी सम्मेलन के नाम से मंच सजाने वाले मुस्लिमों पर भी निशाना साधा गया था। गुरुवार देर रात इन पोस्ट की जानकारी मिलने पर एसएसपी के आदेश पर इज्जतनगर थाने में कर्मचारी नगर चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार ने इमाम व एक अज्ञात शख्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। देर रात इमाम को गिरफ्तार कर लिया। सुबह इमाम के करीबियों को गिरफ्तारी की जानकारी हुई तो वे एकजुट होने लगे। दोपहर बाद तक इज्जतनगर थाने में जत्थों के रूप में लोग इमाम का हालचाल लेने के लिए पहुंचते रहे। इस लिहाज से वहां भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। शाम ढले इमाम का मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट भेजने की तैयारी थी। इसी बीच छोड़ने का दबाव बना तो पुलिस ने निजी मुचलके पर उन्हें रिहा कर दिया। इमाम के वकील अकबर अली, जमात रजा मुस्तफा के शहीबुद्दीन, वसीम आदि इमाम राहत कादरी को लिखापढ़ी करके छुड़ा ले गए। मौलाना तौकीर ने भी इमाम को छुड़ाने को पैरवी की।