बरेली। अयोध्या प्रकरण में आतिशबाजी और विवादित टिप्पणी के मामले अभी तक चर्चा में हैं। गुुरुवार को बहेड़ी की चेयरमैन फौजुल के पति नसीम अहमद और उनके साथ आए लोगों ने एसएसपी को पत्र देकर बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बहेड़ी में कुछ लोगों ने जश्न मनाया था। उनकी हरकत से कस्बे का माहौल बिगड़ सकता था पर दूसरे पक्ष ने धैर्य रखकर बारावफात का शांति से जुलूस निकाला। नसीम ने साक्ष्य देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
नसीम अहमद के साथ पहुंचे बहेड़ी के गांव डूडा जनूनी के उपेंद्र कुमार की ओर से यह शिकायत दी गई। बताया कि नौ नवंबर को फैसला आने के बाद एक अराजक व्यक्ति अपने समर्थकों के संग बरातघर आया। वहां इन लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया और दूसरे समुदाय के विरोध में नारेबाजी की। इस हरकत से दूसरे समुदाय में रोष फैल गया। हालांकि उन लोगों ने धैर्य से काम लिया और शांतिपूर्वक तरीके से बारावफात का जुलूस निकाला। लोग उसी अंदाज में जवाब देते तो माहौल बिगड़ जाता। हालांकि लोगों को उम्मीद थी कि पुलिस अपनी ओर से इस हरकत पर एक्शन लेगी पर ऐसा नहीं हुआ। शरारती तत्वों की हरकत के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, लेकिन पुलिस आरोपी के साथ घूम रही है। एसएसपी ने इस मामले की जांच सीओ बहेड़ी को सौंपी है।