फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कमलेश तिवारी हत्याकांड

विज्ञापन
विज्ञापन
कमलेश तिवारी हत्याकांड
विज्ञापन

ट्रेवल एजेंसी भी चलाता है नावेद, पार्टनर ने भी की हत्यारों की मदद
दरगाह के पास स्थित होटल में ठहराया था हत्यारों को, होटल मालिक रडार पर
बरेली। कमलेश तिवारी के हत्यारों के मददगार दरगाह के नातख्वाह कैफी अली और दिल्ली हाईकोर्ट के वकील नावेद के अलावा कुछ और भी लोग पुलिस और एजेंसियों के निशाने पर हैं। नावेद एक ट्रेवल एजेंसी भी चलाता है, इसमें एक युवक उसके पार्टनर के तौर पर काम करता है। पार्टनर ने भी नावेद के साथ हत्यारों को जंक्शन तक पहुंचाने में मदद की थी। उसे पकड़कर पेश करने का फरमान लखनऊ से आ चुका है। शहर के एक होटल में हत्यारों ने कुछ घंटे गुजारे थे। इस होटल के मालिक की भी तलाश की जा रही है। नावेद के कहने पर ही होटल में हत्यारों को कमरा दिया गया था।
हत्यारों से कैफी और नावेद का सामना कराने के बाद लखनऊ एटीएस और पुलिस को बरेली शहर में हत्यारों के मददगारों की चेन का पता लगा है। इनमें दो नाम तो खुलकर सामने आ गए हैं। इनमें से एक को उठाने के लिए साफतौर पर निर्देश भी एटीएस को मिल गए हैं। हालांकि उससे पहले ही आरोपी को क्राइम ब्रांच भी उठा सकती है। पहला टारगेट नावेद का पार्टनर है, जो नावेद की गिरफ्तारी के पहले से ही अंडरग्राउंड हो गया है। दरअसल, हाईकोर्ट में वकालत का रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी नावेद वकालत नहीं करता था। उसका ज्यादातर समय दरगाह में खिदमत करने में बीतता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रोजगार के लिए उसने कुछ समय पहले ही मलूकपुर चौकी रोड पर एक ट्रेवल एजेंसी खोली थी। एजेंसी के नाम पर एक छोटी सी दुकान है, जिस पर जिंजो ट्रेवल्स का बोर्ड लगा है। इसमें किला क्षेत्र का एक युवक उसके साथ काम करता है। लोग उसे ज्यादा वक्त बैठने की वजह से कर्मचारी मानते थे पर चर्चा है कि वह नावेद का पार्टनर है। दरगाह पर आने जाने वाले जायरीन से बात कर नावेद ग्राहक फंसाता था और फिर पार्टनर के पास भेज देता था। किसी की किराये की गाड़ी को बुक करके ये लोग कमीशन ले लेते थे। सूत्रों के मुताबिक हत्यारों की मदद करते वक्त पार्टनर हर कदम पर नावेद के साथ था, इसलिए माना जा रहा है कि उसे भी हत्यारों के बारे में जानकारी थी। उधर, एटीएस को नावेद से पूछताच में पता चला है कि उसने दरगाह के पास कादिरी होटल में हत्यारों को रुकवाया था। माना जा रहा है कि ये लोग छह से सात घंटा होटल में ठहरे, इसलिए होटल मालिक से भी पूछताछ की जानी है। देखा जाएगा कि उसे घटना की जानकारी थी या नहीं। आईडी चेक की गईं या नहीं। दोष मिला तो होटल मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई होना तय है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें