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अंत्योदय योजना में घपला

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अंत्योदय योजना में घपला
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90 फीसदी राशनकार्ड अवैध, अनाज की हो रही कालाबाजारी
- डीसी फूड के आदेश पर हुई जांच में खुला कोटेदारों का खेल
- डीएसओ ने राशनकार्ड निरस्त कर पात्रों का चयन शुरू किया
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। अंत्योदय योजना में जो सरकारी अनाज गरीबों को मिलना चाहिए, उसे सिस्टम और माफिया मिलकर हजम कर रहे हैं। इस अनाज योजना से जुड़ा बड़ा घपला फतेहगंज पश्चिमी की ग्राम पंचायत दाढ़ा मजरा हौसपुर में सामने आया है। गांव में 90 फीसदी अपात्र लोगों के नाम अंत्योदय कार्ड बनाकर घपलेबाजी की गई थी। खाद्य उपायुक्त के निर्देश पर हुई जांच में यह गड़बड़ी सामने आई है। इसके बाद पूर्ति विभाग ने अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं।
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गांव के तमाम कार्डधारकों ने 27 सितंबर को खाद्य उपायुक्त से यह शिकायत की थी कि गांव में बड़ी संख्या में अपात्रों को अंत्योदय राशन कार्ड जारी कर दिए गए हैं। इन कार्डों की आड़ में सरकारी अनाज की कालाबाजारी की जा रही है। उपायुक्त ने इस मामले में मीरगंज तहसील के सप्लाई इंस्पेक्टर और ग्राम पंचायत अधिकारी को संयुक्त रूप से जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। 30 सितंबर को जांच अधिकारियों ने रिपोर्ट दी कि ग्राम पंचायत में 30 लोगों को अंत्योदय राशनकार्ड जारी हुए हैं। ग्राम प्रधान की मौजूदगी में जब इनकी जांच कराई तो 27 लोग अपात्र पाए गए। यानी 90 फीसदी राशनकार्ड अवैध तरीके से जारी किए गए थे। जांच अधिकारियों ने इन कार्डों को तत्काल निरस्त करने की सिफारिश भी की। इस आख्या को डीएसओ सीमा त्रिपाठी ने खाद्य उपायुक्त राजन गोयल को भेज दिया है। डीएसओ का कहना है कि अपात्रों की सूची मंगवाकर उनकी जगह पात्रों के चयन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि अपात्रों को राशन कार्ड किसने और किसके इशारे पर जारी किए थे, इसकी जांच के सवाल पर विभाग चुप्पी साधे है।
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