बरेली। वित्त मंत्री बनने के बाद पहली बार बरेली आए सुरेश खन्ना की डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से करीब 20 घंटे बाद बात हो पाई और वह भी फोन पर। वित्त मंत्री ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कोषागार निरीक्षण के दौरान उन्होंने दो-दो बार फोन कराया मगर फिर भी डीएम ने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद कोषागार के खराब हालात को उनकी जिम्मेदारी बताते हुए निर्देश दिया कि वह हर महीने कम से कम एक बार जरूर कोषागार का निरीक्षण करें।
इत्तफाक से शुक्रवार को सुबह 9.35 बजे जब डीएम का फोन आया, उस दौरान वित्त मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे लिहाजा डीएम के साथ फोन पर हुई उनकी सारी बातचीत सीधे-सीधे मीडिया तक पहुंच गई। दरअसल बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना दोपहर ढाई बजे अचानक कोषागार का निरीक्षण करने पहुंचे थे। मंत्री का काफिला पहुंचा तो उस वक्त कलक्ट्रेट में कोई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था। वित्त मंत्री ने कोषागार का निरीक्षण शुरू करने से पहले डीएम को फोन कराया लेकिन उनके फोन पर कॉल रिसीव नहीं हुई। निरीक्षण करने के बाद वित्त मंत्री ने एक बार फिर फोन कराया लेकिन इस बार भी कॉल रिसीव नहीं हुई न देर रात तक डीएम की तरफ से कोई फोन आया।
शुक्रवार को सुबह 9:35 बजे डीएम ने वित्त मंत्री से बात करने के लिए फोन किया, उस वक्त वह नगर निगम में उपसभापति अतुल कपूर के निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। निजी सचिव ने जैसे ही यह बताते हुए फोन थमाया कि डीएम का फोन है, वित्त मंत्री ने यह कहते हुए शुरुआत की- डीएम साहब, फोन तो उठाया करिए, मैँ ट्रेजरी का निरीक्षण करने जा रहा था जिसके हेड आप हैं। निरीक्षण के दौरान आपका होना भी जरूरी था लेकिन फोन कराने के बाद भी रात तक आपका कोई रेस्पांस नहीं आया। वित्त मंत्री ने डीएम से पूछा कि पिछली बार उन्होंने कब कोषागार का निरीक्षण किया। उधर से जवाब मिलने के बाद निर्देश दिया कि आगे से वह कम से कम महीने में एक बार जरूर कोषागार का निरीक्षण करें।
कलक्ट्रेट में आधा घंटे रहे वित्त मंत्री, कोई अफसर नहीं आया
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का यह भी कहना था कि कोषागार कलक्ट्रेट में डीएम दफ्तर के बगल में ही है। उन्होंने करीब आधा घंटे तक कोषागार का निरीक्षण किया लेकिन फिर भी न डीएम न प्रशासन का कोई अफसर पहुंचा। शुक्रवार को डीएम के साथ हुई बातचीत में भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया।
कोषागार की अव्यवस्थाएं ठीक कराना आपका काम
वित्त मंत्री ने डीएम के साथ हुई बातचीत में निरीक्षण के दौरान कोषागार में पाई गई अव्यवस्था और गंदगी का भी जिक्र किया। कहा, सीटीओ का कामकाज ठीक नहीं है। पेंशन-बिल आदि मामलों में कोषागार से आपत्ति लगती है जबकि यह संबंधित विभाग का काम है। डाक रिसीव करने का सिस्टम ठीक नहीं है। मंत्री ने कहा कि हेड होने के नाते ये अव्यवस्थाएं ठीक कराना आपका काम है। यह भी कहा कि कोषागार में रंगाई-पुताई की जरूरत है। तुरंत प्रस्ताव भिजवाएं, वह बजट की मंजूरी करा देंगे। दिवाली पर विशेष स्वच्छता अभियान चलवाने को भी कहा।