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सीट से गायब स्टाफ की वित्तमंत्री ने परेड कराई

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बरेली। पूर्व वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के कार्यकाल में जिस कोषागार के खिलाफ विधायक और सांसद की शिकायतों के बावजूद जांच तक नहीं हुई, उसी कोषागार में मौजूदा वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने छापा मारा तो यहां के हालात देखकर हैरान रह गए। कोषागार का ज्यादातर स्टाफ ही सीटों से गायब था। मंत्री ने हाजिरी रजिस्टर मंगाकर उपस्थिति चेक करने के लिए कर्मचारियों के नाम पुकारने शुरू किए तो कलक्ट्रेट में इधर-उधर टहल रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। पसीना-पसीना स्टाफ की मंत्री ने पहले परेड कराई और फिर मुख्य कोषाधिकारी और सहायक कोषाधिकारी के साथ चार कर्मचारियों पर भी कार्रवाई कर दी।
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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दोपहर करीब ढाई बजे मेयर उमेश गौतम और भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर के साथ कलक्ट्रेट में ट्रेजरी ऑफिस पर छापा मारा। यहां मौजूद गिने-चुने कर्मचारी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वित्त मंत्री ने कार्यालय का निरीक्षण शुरू कर दिया। हर तरफ मकड़ी के जाले और गंदगी देखकर मंत्री हैरान थे। उन्होंने एक कर्मचारी से टेबल पर रखा कंप्यूटर उठाने को कहा तो कंप्यूटर मकड़ी के जालों में उलझा नजर आया। वित्त मंत्री ने इस पर टिप्पणी की- कलक्ट्रेट में तो डीएम बैठते हैं, यहां भी ऐसी लापरवाही तो बाकी दफ्तरों का हाल क्या होगा। उन्होंने ट्रेजरी स्टाफ से भी पूछा कि क्या दफ्तर में सफाई नहीं होती। गंदी दीवारें और दरवाजों के पीछे जमा धूल देखकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।
इसी बीच यहां पहुंचे सीटीओ अनवर अहमद ने यह कहकर अपनी गर्दन बचाने की कोशिश की कि ऑफिस की व्यवस्था दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी एटीओ आलोक अवस्थी की है, लेकिन इसके बावजूद वित्त मंत्री ने सीटीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश कर दिया। एटीओ का भी दो दिन का वेतन काटने को कहा। इसके बाद उन्होंने उपस्थिति पंजिका मंगवाकर अधिकारियों से स्टाफ के बारे में पूछताछ की तो बताया गया कि कोषागार में 24 कर्मचारी तैनात हैं। कार्यालय में काफी कम लोग दिखाई देने पर मंत्री ने हाजिरी रजिस्टर देखकर एक-एक नाम पुकारना शुरू किया तो एक-एक कर 23 कर्मचारी दौड़ते हुए पहुंच गए। बताया गया कि एक महिला कर्मचारी करवाचौथ की वजह से छुट्टी पर है। खराब सफाई व्यवस्था पर मंत्री ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भानु प्रताप, ख्यालीराम, वसीम और जगतपाल का भी सात-सात दिन का वेतन काटने का आदेश दिया।
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पेंशन रजिस्टर पर बिल नहीं चढ़े और ओवरराइटिंग भी
निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री यह देखकर हैरान रह गए कि पेंशन रजिस्टर पर बिल ही नहीं चढ़े थे। उन्होंने सीटीओ से वजह पूछी तो बताया कि हर दिन शाम को रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है। इस पर मंत्री ने असंतोष जाहिर किया। उन्हें रजिस्टर में एक जगह ओवरराइटिंग भी मिली। इसमें लेखाकार हनीफ ने एक एंट्री को काटकर दोबारा लिखा था लेकिन संशोधन में उनके साइन नहीं थे। मंत्री के आदेश के बाद सीटीओ ने लेखाकार का स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
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