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मलेरिया का खतरा टला तो अब वायरल बन रहा मुसीबत

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बरेली। मौसम बदलने के साथ मलेरिया और फैल्सीफेरम का खतरा भले ही कम हो गया हो लेकिन इन दिनों वायरल लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इन दिनों अस्पतालों में 60 फीसदी मरीज ब्रोंकाइटिस एलर्जी के पहुंच रहे हैं, इससे सर्दी जुकाम की समस्या होती है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वागीश के अनुसार इन दिनों ओपीडी में आने वाले मरीजों में 50 से 60 फीसदी मरीज वायरल के हैं। इस मौसम में खाने पीने में एहतियात बरतें। जिला अस्पताल में इन दिनों रोजाना करीब 15 सौ मरीज आ रहे हैं, इनमें ज्यादातर ब्रोंकाइटिस और वायरल के शिकार होते हैं।
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गंदगी और बुखार बना मुसीबत
एजाजनगर, रोहली टोला, जगतपुर, चकमहमूद आदि पुराने शहर के अधिकतर इलाके गंदगी से जूझ रहे हैं। सड़कों पर सीवर का पानी संक्रमण को दावत दे रहा है। गुरुवार को जब एजाजनगर और अन्य क्षेत्रों में अमर उजाला की टीम ने हाल जाना तो हर पांचवें घर में बुखार का एक मरीज मिला। एजाजनगर के बिलाल को कई दिन से बुखार आ रहा है। साहिल और सात साल की बच्ची शाइस्ता भी बुखार से पीड़ित है। एक सप्ताह से वह लगातार दवा खा रहे हैं। यही हाल रिजवान और अशरफ का है। चकमहमूद में लोग गंदगी होने से संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। मोहल्ले के रईस का कहना है कि उनके घर में चार लोगों को बारी-बारी से बुखार आया। रोहली टोला में गौसिया मस्जिद के पास सड़क पर गंदा पानी बह रहा था। यहां लोगों का कहना था कि जब गंदगी इतनी होगी तो बीमारी बढ़ना लाजमी है।
बुखार से वृद्धा की मौत
भमोरा। मकरंदपुर ताराचंद निवासी एक वृद्धा रामवती (65) की बुखार से गुरुवार को मौत हो गई। उसे कई दिनों से बुखार था। गुरुवार को तबियत ज्यादा बिगड़ी तो परिवार वाले सीएचसी लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। बरेली ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। सीएचसी प्रभारी डा. गौरव ने बताया कि उसकी हालत पहले से काफी खराब थी। सीएचसी में आने पर उसे बरेली रेफर कर दिया गया था।
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नवाबगंज में वायरल फीवर बेकाबू
नवाबगंज। मौसम के बदलते एलर्जी ब्रोंकाइटिस के मरीज बढ़ रहे हैं। नवाबगंज सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार के अनुसार रोजाना 400-500 मरीज ओपीड़ी में आते हैं। इसमें वायरल के मरीजों की संख्या दो सौ से ज्यादा रहती है। वहीं दलेलनगर और क्योलड़िया के प्रभारी डॉ. मूवीस ने बताया कि सबसे अधिक मरीज वायरल बुखार के आर हैं। गुरुवार को 120 मरीज बुखार और सर्दी, खांसी के मरीज 128 आए थे। उधर, दलेलनगर में 88 मरीज बुखार से पीड़ित हैं। सर्दी जुकाम से 78 आए।
आंवला भी वायरल की चपेट में
आंवला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों वायरल मरीज ज्यादा हैं। गुरुवार को आंवला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 260 मरीज आए। इसमें बुखार के ज्यादा थे। सिरौली में डॉक्टर नहीं पहुंचे। भमौरा में 450 मरीजों में भी बुखार के मरीज ज्यादा थे। मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 292 रोगियों से 14 को पीएफ और 10 को पीवी बुखार था।
मीरगंज में खांसी, बुखार के मरीज ज्यादा
मीरगंज। सीएचसी के डॉ. अमित कुमार ने बताया कि इस समय मौसम में परिवर्तन से सर्दी खांसी, बुखार के मरीज सर्वाधिक आ रहे हैं। वह गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर लेते हैं।
फरीदपुर में भी बढ़े खांसी, वायरल के रोगी
फरीदपुर। सीएचसी अधीक्षक डॉ. बाशित अली ने बताया कि मौसम परिवर्तन से इस समय सर्दी खांसी, बुखार से पीड़ित मरीज सर्वाधिक आ रहे हैं। उन्हें दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। इस समय ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। हालांकि इससे डरने की जरूरत नहीं है।
बहेड़ी सीएचसी में बढ़े मरीज
बहेड़ी। सीएचसी पर बुखार के साथ सर्दी खांसी के मरीजाें की संख्या बढ़ गई है। हालांकि इसमें वायरल पीड़ितों की संख्या है। डॉक्टराें के अनुसार मौसम परिवर्तन से ऐसे मरीजों की संख्या इस समय बढ़ जाती है।
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