बरेली। अफसरशाही की बेपरवाही की वजह से पेंशन पर जिंदा रहने वाली जिले भर की तमाम विधवाएं शासन में अटका पैसा न आने की वजह से छह महीने तक मोहताजी की हालत में इधर-उधर भटकती रहीं। कभी उन्होंने कलक्ट्रेट में जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर के चक्कर काटे तो कभी प्रशासन के आला अफसरों के सामने पेश हुईं लेकिन अफसरों को उनकी पीड़ा का अहसास नहीं हुआ। 26 सितंबर को बरेली में जिला योजना की समीक्षा करने आए प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने जब विधायकों ने विधवा पेंशन पर अफसरों की लापरवाही की शिकायत की तो उन्होंने अफसरों को हड़काने के साथ डीएम को शासन में संपर्क कर जल्द विधवा पेंशन की धनराशि मंगाने को कहा था। इसके बाद छह दिन भी नहीं बीते कि छह महीने से शासन में अटका 18.12 करोड़ रुपये न सिर्फ आ गया बल्कि 62 हजार विधवाओं के खातों में भी पहुंच गया।
महिला कल्याण विभाग निर्धन विधवाओं को आर्थिक मदद के तौर पर पेंशन देता है। पेंशन की यह रकम भले ही मामूली हो लेकिन तमाम बेसहारा विधवा महिलाएं इसी रकम से अपनी गुजर-बसर करती हैं। शासन के छह महीनों से विधवा पेंशन के लिए बजट ही जारी न करने से ये सारी महिलाएं काफी संकट में आ गई थीं। तमाम शिकायतें रोजाना आने के बाद भी स्थानीय स्तर पर अधिकारी शासन को सिर्फ चिट्ठी भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे थे। 26 सितंबर को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की समीक्षा बैठक में विधायकों ने यह मामला उठाया तो जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने दो तिमाही किस्तों का बजट न मिलने की बात कही। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने डीएम को इस बारे में शासन में संपर्क करने के निर्देश दिए। छह दिन के अंदर ही इसके बाद शासन की ओर से सभी विधवाओं के लिए पेंशन की धनराशि आवंटित कर दी गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बताया कि अगर किसी लाभार्थी को कोई दिक्कत आ रही हो तो वह तो उनसे मिल सकती हैं।