बरेली। प्रशासन ने नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर के आरोपों की जांच पुलिस के पाले भी डाल दी थी लेकिन एसएसपी ने चेयरमैन के आरोपों को प्रशासन से जुड़े होने की बात कहते हुए डीएम को खुद अपने स्तर से कराने को कहा है। चेयरमैन ने यहां तैनात रहे एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, नवाबगंज के सीओ पीतमराम सिंह और ईओ राजेश सक्सेना पर कई आरोप लगाए थे। इसकी जांच के आदेश एसपी देहात को दिए गए थे लेकिन उनकी रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने डीएम को चिट्ठी भेजकर इस प्रकरण की जांच प्रशासनिक अधिकारियों से कराने को कहा है।
नवाबगंज नगर पालिका में कई वित्तीय अनियमितताओं और घपलों में घपलों में फंसी चेयरमैन के खिलाफ यहां तैनात रहे एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी उनके खिलाफ जांच करा रहे थे। इन घपले-घोटालों की शिकायत भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर व उनके भाई नीरेंद्र सिंह राठौर ने की थी। इस मामले में डीएम की संस्तुति पर शासन ने चेयरमैन के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। हालांकि बाद वह हाईकोर्ट से स्टे भी ले आईं। इस बीच चेयरमैन ने शिकायत की थी कि एडीएम प्रशासन रहे रामसेवक द्विवेदी, सीओ नवाबगंज पीतमराम, नवाबगंज के पूर्व ईओ राजेश सक्सेना, पूर्व सपा विधायक भगवत शरण गंगवार, भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, भाजपा नेता नीरेंद्र सिंह राठौर पर यह आरोप लगाए थे कि ये लोग उनका और उनके परिवार का उत्पीड़न और धमकी दे रहे हैं। इस मामले में एसपी ग्रामीण डॉ. संसार सिंह ने नेताओं पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता मानते हुए शिकायत करना पाया। जबकि सीओ पीतमराम को भी क्लीन चिट दे दी गई है। इस प्रकरण में एसएसपी ने एडीएम प्रशासन रहे रामसेवक द्विवेदी और ईओ राजेश सक्सेना का मामला प्रशासनिक मानते हुए डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से खुद अपने स्तर से इनकी जांच कराने को कहा है।
- चेयरपर्सन शहला ताहिर मामले में सीओ व एक-दो पुलिसकर्मियों के अलावा बड़े प्रशासनिक व निकाय अधिकारियों पर भी आरोप लगाए गए थे। मैंने पुलिस पर लगे आरोपों की जांच की और रिपोर्ट उच्चाधिकारी को सौंप दी। बाकी अधिकारियों की जांच नियमानुसार प्रशासनिक या अन्य अधिकारियों से कराई जानी चाहिए। शायद इसीलिए उच्चाधिकारियों ने प्रकरण डीएम सर को भेजा होगा। - संसार सिंह, एसपी देहात