पीलीभीत। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने की होड़ में यहां पीडब्ल्यू गेस्टहाउस में भगदड़ मच गई। मेनगेट पर लगा शीशा भी टूट गया, जिस कारण शीशा लगने से दो कार्यकर्ता जख्मी हो गए। सुरक्षा बलों ने कार्यकर्ताओं को बाहर खदेड़ दिया सिर्फ प्रमुख नेताओं को ही अंदर जाने दिया। बाद में किसी तरह कार्यकर्ता शांत हुए, बाद में उन्हें एक-एक कर मिलवाया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जिले में आगमन का कार्यक्रम अचानक बना। सुबह तक न तो इसकी सटीक जानकारी जिला प्रशासन को थी, न ही पार्टी के नेताओं को। अचानक मेसेज पास हुआ कि अखिलेश यादव बरेली से पीलीभीत आएंगे। चंद मिनटों में ही पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर पुलिस- प्रशासनिक अफसर आ गए। परिसर में बम निरोधक दस्ते ने भी सुरक्षा बिंदुओं पर पड़ताल की।
सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गई। पार्टी के झंडे और बैनर लगा दिए गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद अखिलेश यादव के पीलीभीत पहुंचने पर कार्यकर्ता जोश से भर गए। मेनगेट पर काफी भीड़ लग गई। जिस पर सुरक्षा बलों ने सख्ती कर उनको पीछे कर दिया। अखिलेश की कार रुकते ही कार्यकर्ताओं की भीड़ उस ओर टूट पड़ी। सुरक्षा बल रोकने का प्रयास करते रहे, लेकिन नाकाफी साबित हुआ। कार से उतरने के बाद अखिलेश चेहरे पर मुस्कान लिए कार्यकर्ताओं से हाथ मिलाते हुए पैदल आगे बढ़े। गेस्ट हाउस के भीतर पहुंचने के दौरान पीछे से कार्यकर्ताओं की भीड़ भी चली गई। पुलिस और सुरक्षा बल रोकते रह गए। इस बीच मेनगेट पर लगा शीशा भी भगदड़ में टूट गया। जिससे दो कार्यकर्ता मोहल्ला बजरिया निवासी शरद जायसवाल और बरखेड़ा कस्बा निवासी इमरान रजा घायल हो गए। इसके बाद भीड़ को व्यवस्थित करने लिए सुरक्षा बलों ने कार्यकर्ताओं को बाहर खदेड़ दिया। सिर्फ प्रमुख नेता ही भीतर किए गए। कई कार्यकर्ता सुरक्षा बलों से भिड़ गए, लेकिन एक न चल सकी। बाद में हाजी रियाज अहमद ने बाहर पहुंचकर भीड़ को शांत रहने और सभी को मिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी धक्का-मुक्की जारी रही। सभी को अंत में मिलवाया गया। करीब सवा घंटे रुकने के बाद अखिलेश यादव पूरनपुर होते हुए लखीमपुर के लिए निकल गए।