फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधायक जी चाहते हैं!.. मुकदमों से मुक्ति मिले तो उनका नाम भी चले

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। योगी सरकार के मंत्रिमंडल में हाल ही में हुए बदलाव ने कई विधायकों में उम्मीदें जगाई हैं। नवाबगंज विधायक केसर सिंह भी अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे खत्म करने में नए सिरे से जुट गए हैं। विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले सपा के पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार से उनकी तनातनी के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट का प्रकरण अभी अनसुलझा है। भगवत की ओर से नवाबगंज कोतवाली में केसर सिंह के साथ उनके बेटों और कार्यकर्ताओं को भी नामजद किया गया था। शनिवार को उन्होंने इस बारे में पत्र भेजा तो एसएसपी ने एसपी देहात से रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन

केसर सिंह के पत्र में जिक्र किया गया है कि विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले सत्ताधारी सपा के मंत्री रहे भगवत सरन ने दबाव बनाने के लिहाज से उनके, उनके बेटे और कार्यकर्ताओं के खिलाफ जानलेवा हमले और अन्य गंभीर धाराओं में थाना हाफिजगंज में रिपोर्ट करा दी थी। इसमें उनके पांच कार्यकर्ताओं को उसी दिन पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ कार्यकर्ताओं से मारपीट की थी। इसका मामला नवाबगंज थाने में दर्ज है। इस प्रकरण के बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया था। इसमें मुख्यमंत्री ने जिले से आख्या मांगी थी। यह आख्या उनके कार्यालय में ही विचाराधीन है। मांग की गई है कि इस आख्या को शासन को भिजवा दें। एसएसपी ने एसपी देहात से इसकी रिपोर्ट तलब की है।

- शनिवार को नवाबगंज विधायक मेरे पास नहीं आए थे। यह प्रकरण किसी अन्य के द्वारा या पत्राचार से आया होगा। सही जानकारी नहीं है, रिकार्ड देखकर ही पता लग पाएगा। - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
विज्ञापन


- विधायक जी का स्वास्थ्य सही नहीं है, शनिवार को वे कहीं नहीं गए। हां इस मामले में पत्राचार जरूर चल रहा है, संभवत: उसी संदर्भ में पत्र एसएसपी के पास पहुंचा होगा। - देवेंद्र गंगवार, पीआरओ नवाबगंज विधायक

मुनिराज के समय से लटका है प्रकरण
विधायक केसर सिंह लंबे समय से अपने खिलाफ दर्ज मामले को खत्म कराने में लगे हुए हैं। काफी समय से यह प्रकरण एसएसपी स्तर पर लंबित था। संभव है कि विधायक ने तब भी इस आख्या को भिजवाने का प्रयास किया जो सफल नहीं हो सका। तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी से उनकी तल्खी भी चर्चा में रही। अब नए एसएसपी के आने पर फिर कवायद शुरू हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें