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अरुण जेटली का कई बार आना हुआ है बरेली

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बरेली। पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का बरेली कई बार आना हुआ है। उनके आने-जाने के दौरान कई यादें भी यहां के छोटे-बड़े नेताओं के साथ जुड़ी हुई हैं। वह 18 फरवरी 2012 में आखिरी बार बरेली आए थे। जब वह संसद में नेता प्रतिपक्ष थे और विधान सभा चुनाव के दौरान मनोहर भूषण इंटर कॉलेज में सभा को संबोधित किया था।
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उस सभा के एक भाषण का उल्लेख करें तो वह उन दिनों चल रहे सबसे गरम मुद्दे कश्मीर पर था। इस संबंध में उन्होंने अपने भाषण के दौरान लोगों से सवाल किया था कि ‘कश्मीर मुद्दे पर जवाहर लाल नेहरू का पक्ष सही था या डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का। एक ही राष्ट्र में दो झंडे और दो प्रधानमंत्री को कैसे सहन किया जा सकता था’। सभा में केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार, पूर्व वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक डॉ. अरुण कुमार, पूर्व मंत्री डॉ. दिनेश जौहरी आदि मौजूद रहे। संचालन महानगर महामंत्री पुष्पेंदु शर्मा ने किया था। सभा के बाद वह भाजपा के संजय नगर स्थित कार्यालय पर भी गए थे। जहां वह पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मिले। इससे पहले भी वह 2007, 2009 और इससे पहले भी आ चुके हैं।
2012 में जब आए तो लस्सी मंगवाकर पी थी
2012 में जब वह बरेली आए तो उन्हें यहां के एक होटल में ठहराया गया था। वहां केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद थे। तभी उन्होंने अपने काफी पहले के एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार वह यहां विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में आए थे। उस वक्त वह खुद भी परिषद के नेता थे। तब कुछ साथी उन्हें रोडवेज के पास एक लस्सी की दुकान पर ले गए थे, जहां उन्होंने लस्सी पी थी, वह अब है या नहीं। इस पर लोगों ने हां कहते हुए उसी दुकान से उनके लिए लस्सी मंगवा कर उन्हें पिलाई थी। याद को ताजा करते हुए भाजपा नेता पुष्पेंदु शर्मा ने बताया कि जब लस्सी मिट्टी के कुल्हड़ में आई तो उन्होंने कहा, पहले शीशे के गिलास में मिला करती थी।
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