बरेली। नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर के खिलाफ करीब एक करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की जांच के बीच नगर पालिका की कैशबुक, चेकबुक, बाउचर्स सहित तमाम भुगतान संबंधी पत्रावलियों के गायब होने की बात सामने आई है। इसको लेकर ईओ ने चेयरमैन शहला ताहिर को नोटिस दिया है। ईओ का कहना है कि चेयरमैन ने यह सारे रिकार्ड ऐसे शख्स को दे दिए हैं, जो पालिका का कर्मचारी ही नहीं है। इससे शासन के आदेश पर चल रही जांच बाधित हो रही है। साथ ही वसूली, भुगतान सहित तमाम सूचनाएं भी प्रशासन को नहीं भेजी जा पा रही हैं।
करीब एक करोड़ के घोटालों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण रिकार्ड होने से नगर पालिका में हड़कंप मचा है। ईओ ने शहला को नोटिस देते हुए कहा है कि चेयरमैन के आदेश पर मोहम्मद अरशद नाम के एक व्यक्ति को नगर पालिका की कैशबुक, चेकबुक, निर्माण कार्य और उनके भुगतान, क्रय-विक्रय, नियमित एवं संविदा कर्मचारियों का वेतन रजिस्टर, ठेका, परिषद के दुकानों के निर्माण व उनकी नीलामी, ठेकेदारों के बिलों से काटी गई आयकर व व्यापार कर सहित तमाम दूसरी पत्रावलियां दी गईं थी। इनके रिकार्ड अब तक नहीं मिलने से नगर निगम के काम प्रभावित हो रहे हैं और घोटालों की जांच भी नहीं हो पा रही है। ईओ के मुताबिक नगर पालिका के रिकार्ड में में अरशद नाम का कोई कर्मचारी भी नहीं है।
शहला के खिलाफ इन मामलों की चल रही जांच
प्रशासन की तरफ से कराई गई जांच में सामने आया था कि उन्होंने ईओ गुलशन कुमार सूरी के रिटायर होने के आखिरी दिन 47 लाख के चेक पर साइन करा लिए थे। इनका बाद में भुगतान भी करा लिया गया। शहला का कहना था कि चेक पर साइन कर्मचारियों को वेतन देने के लिए कराए गए थे। नगर विकास अनुभाग के प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में शहला से जवाब मांगे। दूसरा घोटाला स्वच्छ भारत मिशन में बताया जा रहा है। शहला पर शौचालयों के निर्माण के लिए मिली 51 लाख की राशि का घोटाला करने का आरोप है। एक भाजपा नेता ने इसकी शिकायत शासन में की थी। आरोप है कि इस धनराशि से करीब पांच सौ लाभार्थियों के घरों में शौचालयों के निर्माण होने थे। लाभार्थियों का चयन कर अक्तूबर में सारी धनराशि निकाल ली लेकिन उसे कुछ ही लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी गई।
वित्तीय अधिकार सीज करने की डीएम की संस्तुति पर अब तक एक्शन नहीं
जनवरी से नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के वेतन का भुगतान न करने का मामला शासन तक पहुंचने के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने शहला ताहिर को नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर वेतन का भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया था। शहला ने इस नोटिस पर वेतन का भुगतान तो नहीं किया, उल्टे यह जवाब दिया कि डीएम चाहें तो खुद ही वेतन का भुगतान करा दें। इसके बाद डीएम ने शहला के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति शासन में भेज दी थी। यह मामला शासन में लंबित है।
नगर पालिका के कई महत्वपूर्ण अभिलेख नहीं मिलने से सरकारी काम प्रभावित हैं। न पेमेंट हो पा रहा है और न ही वसूली। डीएम को इससे अवगत करा दिया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर एफआईआर दर्ज होगी। - राजेश कुमार सक्सेना, ईओ, नवाबगंज