अनीता की हत्या में रिपोर्ट नहीं कराई
पहली घटना पांच मई 2023 को परतापुर गांव में हुई थी। वहां कलावती नाम की महिला का शव झाड़ियों में मिला था। उसके गले में भी बांयी ओर ऐसी ही गांठ लगी थी, पर परिजनों ने बिना कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने न तहरीर दी और न पोस्टमॉर्टम कराया। अब एसएसपी का कहना है कि इसके समेत सभी मामलों की समीक्षा की जाएगी।
रेशमा को खींचकर झाड़ियों में कौन ले गया
मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव गूला में श्मशान भूमि के पास झाड़ियों में 62 वर्षीय रेशमा देवी का शव मिला था। परिजनों के मुताबिक 12 अक्तूबर को रेशमा अपने पुत्र रोहताश के साथ दवा लेने मीरगंज गई थीं। बेटे ने मां को दवा और सामान दिलवाकर एक टेंपो में बैठा दिया था। खुद किसी काम से वहां रुक गया। अगले दिन बेटे ने मीरगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। कुछ दिन बाद झाड़ियों में शव मिला था। परिवार ने हत्या की आशंका जताई, हालांकि पोस्टमार्टम में विसरा सुरक्षित होने से पुलिस की टेंशन कम हो गई थी। यह सवाल अनुत्तरित थे कि उन्हें झाड़ियों में खींचकर कौन ले गया।
वीरावती हत्याकांड : जेल जाते वक्त रोया झोलाछाप
सेवा ज्वालापुर निवासी वीरावती की खेत से लौटते वक्त हत्या कर शव झाड़ियों में डाल दिया गया था। परिजनों ने अज्ञात में रिपोर्ट कराई थी। पुलिस प्रयास करती रही पर खुलासा नहीं हो सका। बाद में गांव के झोलाछाप को जेल भेजा गया। पुलिस का तर्क था कि यह शख्स महिला पर गलत नजर रखता था और विरोध पर हत्या कर दी। हालांकि, 65 साल के आरोपी ने जेल जाते वक्त पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। गांव में भी कई चर्चाएं रहीं।
शांति देवी की हत्या में बेटा गया जेल
शाही के मुबारकपुर गांव की शांति देवी का शव फतेहगंज पश्चिमी थाने के पनवड़िया के जंगल में मिला था। इसमें शांति देवी का बेटा तोताराम ही जेल गया था। पुलिस ने तब संपत्ति विवाद में हत्या मानी थी। तर्क था कि शांति देवी की हत्या के काफी समय बाद तक परिवार बेखबर रहा था।
कुसुमा की हत्या में नशेड़ी को बनाया आरोपी
खजुरिया निवासी कुसुमा देवी की हत्या भी खेत से लौटते वक्त हुई थी। साड़ी से गला कसा मिला था। परिजनों ने अज्ञात पर रिपोर्ट कराई थी। पुलिस ने काफी समय बाद नशेड़ी को जेल भेजा। तर्क था कि यह शख्स कुसुमा के खेत में सुल्फा पीने आता था। कुसुमा विरोध करती थीं। गांव में खुलासे को लेकर सवाल उठे थे।