बरेली। फतेहगंज पश्चिमी कस्बे की नगर पंचायत से जुड़े भाजपा नेता और ईओ के चर्चित विवाद में तीन अफसरों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अब गेंद थाना पुलिस के पाले में है। सीसी कैमरे की फुटेज के आधार पर तय होगा कि भाजपा नेता के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा या फिर अंतिम रिपोर्ट लगेगी।
करीब डेढ़ महीने पुराने विवाद की जड़ में कस्बे में चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान था। अभियान के दौरान जब एक व्यापारी की दुकान का चबूतरा तोड़ा जा रहा था तो भाजपा नेता व व्यापारी आशीष गुप्ता का नगर पंचायत ईओ पुष्पेंद्र राठौर से विवाद हो गया।
विवाद इतना बढ़ा कि भाजपा नेता ईओ के पीछे-पीछे नगर पंचायत में उनके दफ्तर पहुंच गए। वहां दोनों में तकरार हुई और फिर दोनों ने थाने में तहरीर दे दी। करीब सात दिन बाद भाजपा नेता के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, अभद्रता की रिपोर्ट हो गई जबकि ईओ पर लगे घूसखोरी के आरोपों की तहरीर पर कार्रवाई नहीं की गई।
अब दो एडीएम व एसपी उत्तरी की जांच टीम ने दोनों ओर से लगाए आरोपों को तथ्यहीन माना है। चूंकि ईओ के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है लेकिन भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में अभी पेच फंसा है। एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय व परिसर में लगे सीसी कैमरों की फुटेज चेक की जानी है। फिलहाल वह नहीं मिल रही है। इसके आधार पर ही पुलिस कार्रवाई की दिशा तय करेगी।
विधायक पर लगाया था संरक्षण का आरोप
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भाजपा नेता आशीष अग्रवाल ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विधायक के संरक्षण में ही सारे ठेके चेयरपर्सन कुछ खास लोगों को दे रही हैं। अपनी पत्नी के नगर पंचायत चुनाव हारने के पीछे भी विधायक का हाथ होने की बात कही थी। विधायक ने इन आरोपों को नकारा था।