विरोध जता रहे संगठनों से धरना स्थल पर ही ले लिया गया ज्ञापन
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बरेली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में अनुसूचित वर्ग की पैरवी करने वाले कई संगठनों का रविवार को प्रस्तावित भारत बंद सांकेतिक ही रहा। रविवार को बाजार आम दिनों की तरह खुला रहा। धरनास्थल पर ही ज्ञापन ले लिए जाने से विरोध जताने वाले कलक्ट्रेट भी नहीं जा सके।
सीएए और एनआरसी को लेकर देश भर में विरोध अभी कम नहीं हुआ है। शाहीन बाग समेत देश में कई जगह लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहे हैं, जिसके चलते रविवार को भीम आर्मी, बहुजन मुक्ति मोर्चा व अन्य संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया था। पूरे दिन पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। हालांकि बाजार लगभग पूरी तरह खुला रहा। दामोदर स्वरूप पार्क में धरना दिया गया। इसमें भीम आर्मी, मेवाती यूथ ब्रिगेड, डॉ. आंबेडकर युवा समिति, प्रबुद्ध महिला संघ, प्रसपा, वाल्मीकि कल्याण समिति, एबीएस छात्र सभा आदि संगठन शामिल थे। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष गुरजीत सिंह वाल्मीकि व अन्य वक्ताओं ने एनआरसी-सीएए के अलावा पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट जाकर डीएम को देने की योजना थी पर सिटी मजिस्ट्रेट और सदर कोतवाल गीतेश कपिल फोर्स के साथ पार्क में ही पहुंच गए। यहीं सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन ले लिया और धरना खत्म हो गया। इसके बाद लोग अपने घरों को रवाना हो गए।