डीजीपी की गाइडलाइन के बाद एडीजी ने जोन के नौ कप्तानों को दिए निर्देश
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प्रवासी मजदूरों के आने से बदलेगा गांव का परिदृश्य, प्रधानी चुनाव बिगाड़ेगा माहौल
बरेली। प्रवासी मजदूरों की जिलों में आमद से गांवों का सामाजिक परिदृश्य बदलने जा रहा है। पुलिस प्रशासन के शीर्ष अफसर माहौल को भांपकर चुनौतियों को गंभीरता से ले रहे हैं। इस विषय में डीजीपी की गाइडलाइन आने के बाद एडीजी ने नौ जिलों के एसपी को पत्र भेजकर नई चुनौतियों से निपटने को तैयार रहने को कहा है।
एडीजी अविनाश चंद्र ने पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि लॉकडाउन का पालन कराना प्राथमिकता जरूर है पर आवाजाही खुलने और गांवों में प्रवासियों के पहुंचने से नई तरह की समस्याएं पेश आ रही हैं। हत्या, संपत्ति विवाद, पट्टेदारी, पुरानी रंजिश व मारपीट के अपराध इन दिनों में बढ़े हैं। इनके और तेजी से बढ़ने की आशंका है। बरसों पहले गांव से जा चुके प्रवासी बेरोजगार होकर गांवों में लौट रहे हैं तो जमीन, मकान के स्वामित्व को लेकर विवाद बढ़ सकते हैं। प्रवासी मजदूरों की सूचना देने से उत्पन्न विवाद, राहत सामग्री वितरण व कोटेदार से विवाद स्वाभाविक है। प्रधानी चुनाव के लिहाज से गांवों में माहौल बिगाड़ने के मामले संभावित हैं। उन्होंने सभी एसपी को निर्देश दिए हैं कि थानेदारों को इस बारे में सचेत किया जाए। इस तरह के विवादों को न पनपने दें और छोटी-छोटी सूचनाओं पर तत्काल जाकर प्रभावी कार्रवाई करें।