दो दिन की छुट्टी पर आया था आरोपी
भाजपा विधायक को धमकी देने का आरोपी फौजी अमृतपाल उत्तराखंड में भारत-चीन की सीमा पर तैनात है। वह दो दिन की छुट्टी पर आया था। तकरार के बाद वह विधायक समेत पुलिस को नोटिस देकर ड्यूटी पर चला गया। विवाद की जड़ रजऊ परसपुर में हाईवे के किनारे बैंक से लगी जमीन है।
यह जमीन रजऊ परसपुर गांव के ही कुछ लोगों की बताई जा रही है और इस पर उन्हीं का कब्जा है। करीब चार वर्ष पूर्व जब गांव में चकबंदी हुई तो हाईवे के किनारे की जमीन को उसके पीछे के खेत वालों के नाम दर्ज कर दिया। जिस व्यक्ति की पुश्तैनी जमीन उसके नाम चली आ रही है, उसे पता भी न चला। वह पूरी जमीन पुराने दावेदार के कब्जे में ही है।
अमृतपाल ने पत्नी के नाम खरीदी थी जमीन
चकबंदी अधिकारियों ने इस जमीन को जिन लोगों के नाम दर्ज किया था, उनसे करीब चार माह पहले फौजी अमृतपाल ने पत्नी के नाम खरीद लिया था। कुछ हिस्से को दो अन्य व्यक्तियों ने भी खरीद लिया। करीब एक सप्ताह पहले बैनामा के जरिये खरीदी गई जमीन पर फौजी अमृतपाल व दो अन्य खरीदार कब्जा लेने पहुंचे।
इस पर जमीन के पुराने कब्जेदार विरोध करने लगे। सूचना पर पुलिस आई और यथास्थिति करवाकर सभी को वहां से खदेड़ दिया। जमीन पर फौजी के पक्ष में न्यायालय का आदेश बताया जा रहा है। इसके तहत फौजी के अधिवक्ता ने विधायक, बिथरी चैनपुर थाना प्रभारी व रजऊ चौकी प्रभारी को अवमानना का नोटिस भिजवा दिया।
सीओ बोले- जांच जारी है
सीओ फरीदपुर गौरव सिंह ने बताया कि घटना की जांच करने विधायक के कार्यालय एवं रजऊ परसपुर में घटनास्थल पर गए थे। मुकदमा दर्ज कराने वाले पुष्पेंद्र बघेल के भी बयान दर्ज किए हैं। जांच अभी जारी है, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।