सीबीगंज।
गांव महेशपुर अटरिया में दो साल से चल रही नकली डीजल, पेट्रोल, इंजन ऑयल, तारपीन का तेल बनाने की फैक्ट्री को पुलिस ने सील कर दिया। हीलाहवाली से हुई इस कार्रवाई का फायदा उठाकर फैक्ट्री संचालक तैयार माल गाड़ी में भरकर ले गया। अब उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री पर डाला गया पुलिस का ताला खोला जाएगा, इसके बाद ही पता चल पाएगा कि अंदर कितना और माल बना हुआ रखा है।
सीबीगंज के गांव महेशपुर अटरिया में काली मंदिर के पास एक मकान में पिछले दो साल से नकली पेट्रोल, डीजल, इंजन ऑयल, तारपीन तेल बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। नकली तेल तैयार करने के लिए रोठा गांव समेत आसपास के गांवों की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से मिट्टी का तेल लाया जाता था। नकली फैक्ट्री संचालन में पुलिस और आपूर्ति विभाग की सांठगांठ थी। ग्रामीणों ने कई बार इसकी सूचना पुलिस और आपूर्ति विभाग को दी, लेकिन मोटा पैसा लेने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं की गई। शनिवार को ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सीबीगंज इंस्पेक्टर से की। उन्होंने महज एक सिपाही (चालक) को भेजा, जिसने सूचना लीक कर दी। इसका फायदा उठाकर फैक्ट्री संचालक तैयार माल छोटा हाथी वाहन में भरकर ले गया। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस को ताला बंद मिला। बाहर तीन खाली ड्रम मिले। इसके बाद पुलिस ने फैक्ट्री गेट पर अपना ताला डालकर उसे सील कर दिया।
किंग फिशर के नाम से बनाए जाते थे प्रोडक्ट
किंग फिशर ब्रांड के नाम से प्रोडक्ट तैयार किए जाते थे। ये प्रोडक्ट बरेली समेत आसपास के जिलों में सप्लाई होते थे। मोटी कमाई होने के कारण फैक्ट्री संचालक सभी जगह पैसा पहुंचा देता था।
वर्जन
नकली तेल बनने की सूचना पर पुलिस भेजी गई थी। फैक्ट्री में ताला पड़ा मिला। पुलिस ने भी इसे सील कर अपना ताला डाल दिया। आगे की जांच की जा रही है।
- शुऐब मियां, इंस्पेक्टर, सीबीगंज