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‘भोलेभाले’ पुलिस वाले.. क्यों न मौज लें अवैध खनन वाले

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नवाबगंज। पुलिस वाले भी अगर इतने ‘भोले’ हैं तो अफसरों के लिए वाकई यह फिक्र की बात होनी चाहिए। सोमवार की रात चीता मोबाइल के सिपाहियों ने अवैध खनन करके मिट्टी ले जा रही दो ट्रैक्टर ट्रालियों को रोका तो एक का ड्राइवर कूदकर भाग गया जबकि दूसरे को सिपाहियों ने पकड़ लिया। दोनों ट्रैक्टर ट्रालियों को रिछौला पुलिस चौकी ले जाने के लिए एक की ड्राइविंग सीट पर एक सिपाही खुद बैठ गया और पकड़े गए ड्राइवर को अपने पीछे-पीछे आने को कहा। बाइक पर सवार सिपाही दोनों ट्रैक्टर ट्रॉली के पीछे लगने के बजाय फर्राटा भरकर चौकी पहुंच गया। पीछे आ रहे ड्राइवर को मौका मिला तो वह रास्ते में ही अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर किसी मोड़ पर कट लिया। अब पुलिस उसकी तलाश में इधर-उधर भटक रही है।
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सोमवार रात पुलिस को सूचना मिली कि बाईपास चौराहे से अवैध खनन की मिट्टी से भरी ट्रॉलियां गुजरने वाली हैं। इस पर चीता मोबाइल के दो सिपाही चौराहे पर पहुंच गए। कुछ देर बाद ही मिट्टी भरी दो ट्रैक्टर ट्राली पहुंचीं। पुलिस को देखकर एक ड्राइवर ट्रैक्टर से कूदकर भाग गया। दूसरे को पुलिस ने पकड़ लिया। इसके बाद एक सिपाही खुद एक ट्रैक्टर पर बैठ गया और पकड़े गए ड्राइवर से पीछे-पीछे आने का कहा। दूसरा सिपाही बाइक लेकर दोनों वाहनों के आगे निकल गया। रिछौला पुलिस चौकी से पहले एसआर पेट्रोल पंप के पास सिपाही के पीछे चल रहा ड्राइवर ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर अंधेरे में भाग गया। अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक कुछ समय पहले एक सपा नेता की खनन की मिट्ठी भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पुलिस ने पकड़ी थीं। सोमवार रात सपा नेता के इशारे पर ही सिपाही ये ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ने गए थे। यह ट्रैक्टर ट्रॉली एक छुटभैया नेता की बताई जा रही है।
खनन माफिया ने किसान पर किया हमला
हाफिजगंज। पनघैली नदी से खनन कर खेत से गाड़ियां निकालने का किसान ने विरोध किया तो माफिया ने उस पर हमला कर दिया। हाफिजगंज के गांव बीजामऊ के सुरेंद्र पाल के मुताबिक उनके सभापुर के पास पनघैली नदी के किनारे खेत हैं जिसमें गन्ने की फसल खड़ी है। नदी से रेत खनन करने वाले माफिया उनके खेत से ट्रैक्टर ट्रॉली और डनलप निकलते हैं जिससे उनकी फसल खराब हो रही है। कई बार उन्होंने विरोध किया लेकिन माफिया नहीं माने। 25 अगस्त की शाम करीब छह बजे उन्होंने माफिया को टोका तो वे हमलावर हो गए। वह गांव भाग आए तो उन्होंने गांव में भी उन्हें घेरकर मारने की कोशिश की। हाफिजगंज थाने में तहरीर देने पर भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पुलिस का कहना है कि किसान रेत लेकर निकलने वालों से दो सौ रुपये मांग रहा था। इसी पर झगड़ा हुआ।
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