30 मई को हुआ था हंगामा
30 मई को उस समय हंगामा हो गया था, जब निवेशकों को भनक लगी थी कि कंपनी का सभी सामान निकालकर कुछ कर्मचारी ले जा रहे हैं और कंपनी निदेशक भाग रहे हैं। सैकड़ों निवेशक मौके पर भी पहुंच गए थे और जमकर हंगामा किया था।
विदेशों तक हैं निदेशकों की जड़ें
बदायूं व बरेली से करोड़ों रुपये कंपनी में जमा कराने के बाद निवेशकों को नही लौटाया और निदेशक कंपनी बंद कर भाग निकले। कंपनी के एक खास एजेंट ने बताया कि उसके जो भी निवेशक थे उनका वह भुगतान करा चुका है, क्योंकि उसको भनक लग गई थी कि कंपनी के निदेशक यहां का सारा पैसा कहीं विदेश में लगाने जा रहे हैं। एजेंट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिले की सारी संपत्ति निदेशक मार्च में ही बेच चुके हैं।
करीबियों पर भी कसेगा शिकंजा
एसएसपी ने बैंकों को पत्र लिखा है। उसमें निदेशक, उसके सगे भाई, पत्नी, पिता व अन्य करीबी रिश्तेदारों की खातों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही उनके खातों को भी सीज करने के लिए कहा गया है। इस कार्रवाई से निदेशकों को आर्थिक रूप से तोड़ने की तैयारी है।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि संपत्ति की जानकारी के लिए सभी एसडीएम से पत्राचार किया गया है। निदेशक व उनके करीबियों के खातों को सीज करने के लिए सभी बैंकों को नोटिस भेजा गया है। जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।