बरेली। युवक के बीमार होने पर उससे अपनों ने तो नाता तोड़ा ही, मरने के बाद पुलिस ने भी उसके शव का पंचायतनामा भरने से मना कर दिया। यहां तक कि अस्पताल से भेजा गया मेमो रिसीव करने के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने नहीं आई। जिसके चलते तीन दिन से जिला अस्पताल के मोर्चरी में रखा युवक का शव सड़ने लगा। दुर्गंध फैलने पर लोगों की शिकायत पर सीएमएस ने एसएसपी को मामले की जानकार दी। एसएसपी के फटकारने पर देर शाम दरोगा ने पहुंचकर शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
भमोरा थाना क्षेत्र के गांव चांदना निवासी 35 वर्षीय नन्हें पुत्र बाबू राम बीमारी की हालत में खुद ही 21 अगस्त को जिला अस्पताल पहुंचा। उसे न कोई परिवार का व्यक्ति भर्ती कराने आया और न ही भर्ती होने पर कोई देखने आया। बीमार होने के बाद परिवार वालों ने उससे नाता तोड़ लिया। 22 अगस्त को शाम साढ़े छह बजे उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। अस्पताल वालों ने उसका शव मोर्चरी में रख दिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए मेमो कोतवाली भेजा। मेमो रिसीव होने के बाद भी कोतवाली से कोई पंचायतनामा भरने नहीं आया। गर्मी के कारण तीन दिन में शव मोर्चरी में ही सड़ने लगा और दुर्गंध फैल गई। इस पर जिला अस्पताल से सोमवार दोपहर 3:30 बजे रिमांडर भेजा गया, लेकिन इसे रिसीव नहीं किया गया। इस पर सीएमएस ने सीधे एसएसपी से इसकी शिकायत की। एसएसपी के हड़काने पर कोतवाली दरोगा ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अब शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को होगा।