डीजी टेलीकॉम सूर्य कुमार शुक्ला ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर एडिशनल आरएमओ रविंद्र कुमार को जमकर हड़काया। कहने लगे तुम्हें हमारी चिट्ठी के के बारे में ही पता नहीं है। कैसे काम करते हो, किसी बड़े अधिकारी को आपने क्यों नहीं बताया कि बरेली को 50 वायरलैस और 50 हैंडसेट दिए गए हैं। डीजी ने आईजी विजय सिंह मीना को शहर के सभी खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को सही कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कस्बों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का प्रस्ताव भेजने के आदेश दिए। डीजी ने कहा कि 100 नंबर न मिलने पर 911 नंबर मिलाने को कहा। उनका कहना था कि 911 इंटरनेशनल नंबर है। भारत ही नहीं किसी भी देश में आप जहां खड़े होकर इस नंबर को डॉयल करेगा वहीं के थाने की पुलिस के पास घंटी पहुंच जाएगी।
बृहस्पतिवार की शाम करीब सवा पांच बजे डीजी सिटी कंट्रोल रूम पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइंस सभागार में अफसरों के साथ मीटिंग की। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले उन्होंने कॉल टेकरों से बारे में जानकारी की। उन्होंने पूछा कि कॉल रिसीव करते समय आप लोग किस तरह से रिसीव करते हो। कॉल टेकर अपनी जिम्मे अधिकारियों की मीटिंग लेकर सरकार की प्लानिंग की जानकारी दी। उनका कहना है कि कंट्रोल रूमों को हाइटेक किया जा रहा है। सूचना मिलते ही आपके पास पुलिस पहुंच जाएगी। सिपाहियों की कमी भी जल्द ही पूरी होगी। वर्कशाम के फालतू पुलिस कर्मियों को उन्होंने कंट्रोल रूम में पोस्ट करके पब्लिक सेवा को बेहतर बनाने की हिदायत दी। जीपी ने थानों में लगे बेसिक फोनों की भी डिटेल मांगी। कंट्रोल रूम से चलने वाली गाड़ियों और मोटर साइकिलों की जानकारी की। आईजी के कहा है कि बीएसएनएल के अधिकारियों की मीटिंग कर लें। ताकि लाइनों में जो कमियां हों वह समय से ठीक हो जाएं। इस मौके पर डीआईजी आरकेएस राठौर, एसएसपी धर्मवीर यादव, एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा, सीओ सिटी प्रथम मुकुल द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
रिस्पांस टाइम पूछा तो सकपका गए
-डीजी टेलीकॉम ने अधिकारियों से रिस्पांस टाइम पूछा तो सकपका गए। लेकिन रजिस्ट्रर बना मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली। डीजी ने इम्तहान लेने के लिए चीता मोबाइल को सूचना देकर अचानक पुलिस लाइन बुलाया तो दरोगा ऋषिपाल सिंह सबसे पहले पहुंच गए। इस पर उन्हें इनाम देने की घोषणा कर दी गई।
फर्जी कॉल करने वालों पर होगा मुकदमा
डीजी ने कहा कि फर्जी कॉल आने की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जिन नंबरों से फर्जी कॉलें आ रही हैं, उन नंबरों को बंद कराने की रिपोर्ट भी दें। लेकिन उनका कहना था कि 100 नंबर पर आने वाली हर कॉल को अटेंड करना हमारा मकसद होना चाहिए। इससे पुलिस की छवि पर भी असर पड़ेगा।