कासगंज रेलमार्ग बंद होने के बाद दिक्कत भरा सफर कर रहे लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। सीआरएस के निरीक्षण के बाद रेल प्रशासन ने इस रेलमार्ग पर सवारी गाड़ी चलाने की तैयारी कर ली है। रेलवे के गोरखपुर मुख्यालय से दो रैक मिल गई हैं। पहले चरण में 12-12 डिब्बों की छह जोड़ी ट्रेनें इस रूट पर चलाई जाएंगे। इसके लिए सीआरएस की रिपोर्ट का इंतजार है।
कासगंज रेल मार्ग पर सफर करने वाले कासगंज, सोरों, बदायूं, बरेली आदि केे मुसाफिर जल्द ही रेल सफर करेंगे। कासगंज रेल मार्ग ब्राडगेज में तब्दील हो जाने के बाद सीआरएस ने एक और दो जून को इसका निरीक्षण और स्पीड ट्रायल कर लिया। भले ही सीआरएस ने अपनी अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को नहीं सौंपी हो, लेकिन रेल प्रशासन ने इस रेल मार्ग पर सवारी गाड़ी चलाने की तैयारी कर ली है। गोरखपुर हेड क्वार्टर से दो रैक और छह इंजन मिल गए हैं, जिनसे पहले चरण में 12-12 डिब्बों की छह जोड़ी ट्रेन चलेंगी। जिनमें दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेन बरेली-कासगंज, तीन जोड़ी बदायूं-कासगंज और एक जोड़ी रामनगर-कासगंज तक चलेगी। अब बस रेलवे को सीआरएस की रिपोर्ट का इंतजार है, जो जल्द मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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स्टेशन मास्टर तैनात
कासगंज-बरेली रेल मार्ग पर बमियाना, मकरंदपुर, घटपुरी, बदायूं, उझानी, बितरोई, मानपुर नगरिया, सोरों सुकर क्षेत्र, कासगंज सिटी और कासगंज स्टेशनों पर ट्रेन संचालन के लिए स्टेशन मास्टर तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही इस रूट पर छह हाल्ट करतौली, मन्नननगर, शेखूपुर, कछला, कछला ब्रिज, गंगागर पर भी ट्रेन रुकेगी।
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अभी उत्तर रेलवे का ही लेना होगा सहारा
जंक्शन पर एनईआर की दो लाइनों को रामगंगा से सिटी तक ब्राडगेज में तब्दील करने का काम चल रहा है। जब तक ये लाइनें पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक पूर्वोत्तर रेलवे की चलाई जा रही गाड़ी रामगंगा से उत्तर रेलवे के ट्रैक पर ही आएंगी। जंक्शन पर पूर्वोत्तर रेलवे की अपनी लाइन तैयार हो जाने के बाद गाड़ियों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी।
वर्जन
सीआरएस निरीक्षण हो गया है। उनकी रिपोर्ट जल्द ही रेलवे बोर्ड को मिलने की उम्मीद है। बोर्ड से हरी झंडी मिलने के सप्ताह भर के अंदर कासगंज रेल मार्ग पर ट्रेन चला दी जाएगी। पहली ट्रेन को झंडी दिखाकर कौन रवाना करेगा, यह बोर्ड तय करेगा। फिलहाल हेड क्वार्टर से दो रैक और छह इंजन मिल गए हैं। ट्रेन चलाने के लिए हम अपनी पूरी तैयारी में हैं।
- चंद्र मोहन जिंदल, डीआरएम, इज्जतनगर।